केंद्रीय बजट में राजस्थान को केंद्रीय करों से हिस्सेदारी के तौर पर 90 हजार 445 करोड़ रुपए मिलेंगे। राजस्थान को इस बार केंद्रीय करों से पिछले बजट की तुलना में 6505.40 करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगे। पिछले साल के बजट में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तौर पर राजस्थान को 84,487.83 करोड़ रुपए आवंटित किए थे। जो बाद में रिवाइज्ड होकर 83,940.45 करोड़ रुपए हो गए थे। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए बजट में राज्यवार दिए गए हिस्से में इसका ब्यौरा दिया है। राजस्थान को केंद्रीय करों की हिस्सेदारी में इस बार राज्यवार प्रतिशत के हिसाब से कटौती देखने को मिली है। पिछले बजट में केंद्रीय करों में राजस्थान की हिस्सेदारी 6.026 प्रतिशत थी, जिसे इस बार घटकर 5.926 प्रतिशत हो गई है।
इनकम टैक्स से सबसे ज्यादा 32 हजार करोड़,कॉर्पोरेट टैक्स से 26 हजार 550 करोड़ मिलेंगे केंद्रीय करों में राजस्थान की हिस्सेदारी इस बार 5.92 प्रतिशत है। 2026-27 में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी से राजस्थान को इनकम टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स से सबसे ज्यादा फंड मिलेगा। सबसे ज्यादा इनकम टैक्स में हिस्सेदारी से 32,187.25 करोड़ का फंड मिलेगा। कॉर्पोरेट टैक्स से राजस्थान की हिस्सेदारी के 26550.56 करोड़ मिलेंगे। सेंट्रल जीएसटी में हिस्सेदारी के 24,736.89 करोड़, कस्टम्स से 4825.56 करोड़, केंद्रीय एक्सइज ड्यूटी से 2055.69 करोड़ और अन्य टैक्स और ड्यूटीज के 89.90 करोड़ मिलेंगे। हर जिले में खुलेंगे गर्ल्स हॉस्टल, राजस्थान में 41 हॉस्टल केंद्रीय बजट में हर जिले में बालिका हॉस्टल खोलने की घोषणा की गई है। राजस्थान के हिस्से में 41 हॉस्टल आएंगे। केंद्र की योजना के तहत राजस्थान के हर जिले में 41 गर्ल्स हॉस्टल खोले जाएंगे। योजना का विस्तृत ब्यौरा बाद में जारी होगा। आगे पढ़िए किसने क्या कहा….


