राजस्थान में पत्नी ने पति की सुपारी देकर हत्या करवाई:20 हजार में तय हुआ था सौदा; लाश दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर फेंकी; महिला, देवर और शूटर गिरफ्तार

देवर से अवैध संबंधों में रोड़ा बन रहे पति की शूटर से गोली मरवाकर हत्या कर दी गई। महिला पिछले दो साल से देवर के साथ अवैध संबंधों में थी। जब पति को पता चला तो आए दिन दोनों के बीच झगड़े होने लगे। पति महिला को देवर से मिलने से रोकता था। महिला ने पति को रास्ते से हटाने के लिए प्लानिंग की। हत्या की साजिश यूपी में रची गई। महिला का प्रेमी जयपुर कार लेकर पहुंचा और पति को गांव चलने की बात कहकर अपने साथ आगे वाली सीट पर बैठा लिया। करीब 80 किलोमीटर दूर पहुंचते ही पीछे बैठे शूटर ने उसके गले में गोली मार दी। इसके बाद आरोपी करीब 10 किलोमीटर दूर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास शव को पुलिया के नीचे फेंककर फरार हो गए। मामले में दौसा पुलिस ने पहले आरोपी प्रेमी देवर धर्मेंद्र (45) और शूटर रामसुन्दर उर्फ बिट्टू (30) को गिरफ्तार किया। इसके बाद अब 23 दिसंबर को मुख्य आरोपी महिला शिल्पी (35) को उसके ससुराल पनपुरा बिहार से गिरफ्तार किया गया है। 10 महीने पहले दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के पास मिला था शव दौसा के कोलवा थाना क्षेत्र मे घटना 10 फरवरी 2025 को हुई थी। दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के पास द्वारापुरा में जीरो पॉइंट पुलिया के पास लिंक रोड के किनारे शव मिला था। जिसकी पहचान आशानंद (37) निवासी पनपुरा जिला भोजपुर-आरा (बिहार) के रूप में हुई थी। मृतक के गले में गोली लगी हुई थी। सीसीटीवी और सीडीआर से खुला ब्लाइंड मर्डर SHO रामशरण गुर्जर ने बताया- हत्याकांड की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की। जांच के दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिनमें एक यूपी नंबर की कार द्वारापुरा (दौसा) के पास कुछ देर रुकने के बाद वापस लौटती नजर आई। आगे की जांच में सामने आया कि वही कार भांडारेज इंटरचेंज से एक्सप्रेसवे पर दिल्ली रूट की ओर जाती हुई दिखाई दी। सीसीटीवी फुटेज में कार की फ्रंट सीट पर मृतक आशानंद पांडे और उसकी पत्नी का प्रेमी धर्मेंद्र शर्मा बैठे हुए थे। पत्नी और प्रेमी ने दी थी सुपारी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मामले की गहन जांच की। इसके बाद 22 फरवरी 2025 को मुख्य आरोपी महिला के देवर धर्मेंद्र शर्मा, निवासी भोजपुर-आरा (बिहार) को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित अर्थला मोहन नगर से गिरफ्तार किया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर धर्मेंद्र ने हत्या की साजिश रचने, शूटर को सुपारी देने और मृतक की पत्नी से अवैध संबंध होने की बात स्वीकार कर ली। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने शूटर और मृतक की पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया। साथ ही वारदात में प्रयुक्त कार को भी जब्त कर लिया गया। 20 हजार में दी गई थी हत्या की सुपारी थाना इंचार्ज ने बताया- आशानंद की पत्नी शिल्पी का प्रेमी धर्मेंद्र इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करता था। किसी केस के सिलसिले में उसका संपर्क शूटर रामसुंदर उर्फ बिट्टू, निवासी आजमगढ़ (यूपी) से हुआ। इसी दौरान 20 हजार रुपए में आशानंद की हत्या की सुपारी दी गई। आरोपी धर्मेंद्र गाजियाबाद से कार में सवार होकर जयपुर-दिल्ली हाईवे के रास्ते सिंधी कैंप, जयपुर पहुंचे। जयपुर से आशानंद को गांव ( पनपुरा, बिहार) चलने का बहाना बनाकर कार में बैठाया गया। इसके बाद जयपुर-आगरा हाईवे से दौसा होते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पहुंचे। बैक सीट से मारी गोली, शव एक्सप्रेसवे से फेंका धनावाड़ रेस्ट एरिया से पहले कार की बैक सीट पर बैठे शूटर बिट्टू ने आशानंद के गले में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी द्वारापुरा के पास शव को एक्सप्रेसवे से नीचे फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने शूटर बिट्टू को 7 दिसंबर को गाजियाबाद से देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद 23 दिसंबर को हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता मृतक की पत्नी श्वेता उर्फ शिल्पी को पनपुरा, जिला भोजपुर-आरा (बिहार) से गिरफ्तार किया गया। वारदात से पहले की गई थी रेकी हत्याकांड के खुलासे में अहम भूमिका निभाने वाले कॉन्स्टेबल राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि यह एक ब्लाइंड मर्डर था, जिसे सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर से महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 7 फरवरी 2025 को वारदात से पहले रेकी की थी। इसके बाद 9 फरवरी को गाजियाबाद से जयपुर पहुंचकर योजना के तहत हत्या को अंजाम दिया गया। VKI में मजदूरी करता था आशानंद थाना इंचार्ज रामशरण गुर्जर ने बताया कि आशानंद पांडे वर्ष 2023 की शुरुआत में बिहार से जयपुर आया था और VKI क्षेत्र में मजदूरी कर रहा था। इसी दौरान उसकी पत्नी शिल्पी के उसके देवर धर्मेंद्र से अवैध संबंध हो गए। परिवार को इस बात पता चल गया था। आशानंद ने पत्नी को कई बार समझाया और प्रेमी से संपर्क तोड़ने को कहा, जिसको लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे। इसी विवाद से छुटकारा पाने के लिए पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर आशानंद को रास्ते से हटाने की साजिश रची और शूटर को सुपारी देकर हत्या करवा दी। फिलहाल, सभी आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद हैं और पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

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