भास्कर न्यूज | चित्तौड़गढ़ पारोली गांव पंचायत मुख्यालय भी नहीं है पर हैंडबॉल खेल का ऐसा क्रेज जमा कि आज वो नेशनल इवेंट का आयोजक बन गया। राजस्थान को पहली बार मिली अंडर-14 नेशनल हैंडबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी शिक्षा विभाग ने राउप्रावि पारोली जिला चित्तौड़गढ़ के नाम कर दी। जिसमें देशभर के करीब 1500 खिलाड़ी, कोच व अन्य स्टाफ भाग ले रहे हैं। इतने मैच व व्यवस्थाएं छोटे से गांव में मुश्किल थी, इसलिए पूरा इवेंट सोमवार सुबह 10.30 बजे इंदिरा गांधी स्टेडियम मेंं चित्तौड़गढ़ में शुरू होगा। छह दिन का यह टूर्नामेंट सोमवार से शुरू हो रहा है। इसमें देश के 28 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के एक हजार से अधिक खिलाड़ी, 250 कोच सहित अन्य स्टाफ का पहुंचना शुरू हो गया। जिले ही नहीं, राजस्थान को भी पहली बार अंडर-14 राष्ट्रीय स्कूल हैंडबाल प्रतियोगिता की मेजबानी मिली है। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के निर्देशानुसार 69वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता प्रतियोगिता 5 से 10 जनवरी तक चलेगी। इसमें 33 टीमें छात्र व 32 टीमें छात्रा वर्ग की है। अनुमान है कि कुल 135 मैच होंगे। िजनके लिए शहर के इंदिरा गांधी स्टेडियम में 4 कोर्ट बनाए गए। सभी टीमें पहले लीग मैच खेलेगी। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोदकुमार दशोरा व डीईओ प्रारंभिक राजेंद्र शर्मा ने बताया कि कलेक्टर आलोक रंजन के निर्देशन में तैयारियां पूरी कर ली गई। टीमों के ठहरने के लिए बोजूंदा नर्सिंग होस्टल, सैटेलाइट अस्पताल के पास नर्सिंग हॉस्टाल, सांवलियाजी धर्मशाला, जनजाति छात्राावास आदि में और आने जाने के लिए 20 बसों की व्यवस्था रखी गई है। दोनों समय भोजन व्यवस्था स्टेडियम में ही की गई। रेलवे स्टेशन पर भी विशेष काउंटर लगाया गया। जिला परिषद एसीईओ राकेश पुरोहित ने बताया कि सुरक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, यातायात, आवागमन एवं मैदान व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। पारोली स्कूल को मेजबानी का बड़ा कारण इसका हैंडबाल के प्रति डेढ़ दशक से विशेष लगाव ही है। जिसने इसकी पहचान हैंडबाल खेल गांव की बना दी। इसमें अहम किरदार है पीटीआई कानसिंह राठौड़ का। जिन्होंने यहां तैनातगी के बाद 2010 से विद्यार्थियों में हैंडबॉल के प्रति रुझान शुरू कर दिया। अगले साल ही स्कूल में नेशनल कैंप करा दिया। अब तक यहां से 30 बच्चे स्टेट व 10 विद्यार्थी खेल चुके हैं। इस राष्ट्रीय टूर्नामेंट में राजस्थान की दोनों टीमों में कुल 5 खिलाड़ी चित्तौड़गढ़ जिले के हैं। इनमें आरव अली, कृतिका सेन पुरोहितों का सांवता, दक्ष अहीर सेमलिया, अंतिमा सेन व जगपालसिंह पारोली से है। पिछले चार साल से लगातार छात्र वर्ग में पारोली टीम जिले में विजेता है। सुखाडिया यूनिवर्सिटी इंटर कालेज गेम्स में घोसुंडा कॉलेज टीम के सभी खिलाडी पारोली के है। पारोली निवासी चार छात्र दिनेश जाट, शिवलाल जाट, रामलाल जाट व गोविंद गुर्जर आठ जनवरी से होने वाली वेस्ट जोन यूनिवर्सिटी गेम्स खेलने जा रहे हैं। कोच कानसिंह राठौड़ कहते हैं गांव में इसका कोर्ट है और रात्रिकालीन मैच के लिए फ्लड लाइट भी लगी हुई है। कानसिंह सन 2013-14 में राजस्थान टीम के कोच बने तो टीम ने ब्रांज मेडल जीता। हैंडबॉल गांव पारोली : 30 बच्चे स्टेट, 10 नेशनल खेल चुके, टूर्नामेंट में जिले के 5 खिलाड़ी प्रदेश टीम में


