राजस्थान के धौलपुर से 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए पैदल यात्रा पर निकले दो श्रद्धालु कला भगत सिंह और लाड सिंह अपनी यात्रा के 16वें दिन शाजापुर पहुंचे। उन्होंने बताया कि यह यात्रा भगवान शिव के आशीर्वाद से पूरी होगी और वे देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करेंगे। इन शिवभक्तों की यह पदयात्रा लगभग 2 से 3 वर्षों तक चलने का अनुमान है। वे रोज लगभग 30 से 40 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। यात्रा के दौरान उन्हें विश्राम और रात गुजारने में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लोगों से मिल रहा पूरा सहयोग हालांकि, भोजन और पानी के लिए उन्हें आमजन का भरपूर सहयोग मिल रहा है। जिन-जिन स्थानों से वे गुजर रहे हैं, वहां श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के हिसाब से उन्हें भोजन-पानी उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे उनका उत्साह और विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है। पहला प्रमुख पड़ाव उज्जैन महाकाल कलाभगत सिंह और लाड सिंह ने बताया कि उनकी यात्रा का पहला प्रमुख पड़ाव उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दर्शन हैं। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद वे ओंकारेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके बाद वे क्रमबद्ध रूप से सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करते हुए अपनी यात्रा जारी रखेंगे। पदयात्रा एक आध्यात्मिक साधना यात्रियों का कहना है कि यह पदयात्रा केवल शारीरिक नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। शिव भक्ति, श्रद्धा और भगवान शिव के प्रति अटूट प्रेम ने ही उन्हें यह कठिन संकल्प लेने की प्रेरणा दी है। रास्ते में मिल रहा लोगों का स्नेह और सहयोग उन्हें भगवान शिव की कृपा का अनुभव कराता है। फिलहाल, इन दोनों शिवभक्तों की यात्रा श्रद्धा और आस्था के अटूट बंधन का प्रतीक बन गई है, जो लोगों को भक्ति, सेवा और विश्वास का संदेश दे रही है।


