जिले की शहपुरा तहसील की ग्राम पंचायत खैरी में सरकारी जमीन को हथियाने की साजिश सामने आई है। 13 मार्च 2022 में तत्कालीन कलेक्टर इलैया टी राजा ने भू माफिया जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एमए खान से 45 एकड़ शासकीय भूमि मुक्त कराई थी। लेकिन अब राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से उसी जमीन को दोबारा निजी नामों पर दर्ज कराने की कोशिश की जा रही है। शहपुरा तहसीलदार कार्यालय से 24 सितंबर को जारी आम इश्तहार में नदीम खान, हाजी फिरोज कमाल, शमा परवेज, अशफाक और आशीष नेल्सन अल्बर्ट के नाम 2-2 हेक्टेयर शासकीय भूमि दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। जबकि आपत्ति की अंतिम तारीख का आम प्रकाशन का पत्र तहसीलदार द्वारा 24 सितंबर 2025 को बनाया गया। लेकिन ग्राम पंचायत को सूचना 3 अक्टूबर 2025 को कोटवार को पत्र देकर दी गई। सरपंच का खुलासा: ग्राम पंचायत खैरी के सरपंच सौरभ पटेल ने इसे राजस्व अधिकारियों की संलिप्तता से रचा गया “लैंड जिहाद” करार दिया है। सरपंच ने तहसीलदार शहपुरा को पत्र लिखकर कहा कि जिन व्यक्तियों को भूमि दी जा रही है, वे न तो ग्राम निवासी हैं, न ही पात्रता रखते हैं। स्पष्टीकरण मांग रहे हैं तहसीलदार द्वारा भूमि आवंटन नहीं किया जा सकता है। यह उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर की विषय वस्तु है। शासन द्वारा वर्तमान में व्यक्तिगत पट्टे दिए जाने की कोई योजना प्रचलित नहीं है। तहसीलदार से लिखित में स्थिति स्पष्ट करने को पत्र दे रहे है।
राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर, जबलपुर


