इंदौर हर मामले में नंबर-1 शहर है। यहां काम का दबाव तो रहता ही है, केस की संख्या भी ज्यादा रहती है। बावजूद इसके काम तो करना होगा, चाहे छुट्टी के दिन भी काम करना पड़े। सुबह जल्दी या देर शाम तक भी स्मार्ट तरीके से काम किया जा सकता है। काम ज्यादा है तो जनता को हमसे अपेक्षाएं भी अधिक हैं। इन्हें पूरा करने के लिए मानसिक रूप से आप लोगों को हमेशा तैयार रहना चाहिए। स्वयं के साथ अपने अधीनस्थों काे भी इसके लिए प्रेरित करें। ओवरऑल रैंक 28 है, अभी सुधार की जरूरत है, उसके लिए भी टीम से कहा गया है यह बात कलेक्टर आशीष सिंह ने शनिवार को हुई जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक में कही। सिंह ने राजस्व महाभियान की समीक्षा करते हुए तीन महीने से ज्यादा के केस पेंडिंग आने पर तीन तहसीलदारों का 15-15 दिन का वेतन काटने के भी निर्देश दिए। सिंह ने बताया कि अभी राजस्व महाभियान में ज्यादातर मामलों में जिले की स्थिति ठीक है। ओवरऑल रैंक 28 है। अभी सुधार की जरूरत है, उसके लिए भी टीम से कहा है। अविवादित बंटवारा, सीमांकन, नामांतरण में 99 प्रतिशत का निराकरण किया जा चुका है। कुछ तकनीकी खामियां सामने आई हैं। उन्हें भी सही करवा रहे हैं। कॉलोनियों में राजस्व वसूली से जुड़ी समस्याएं आ रही है, उस पर भी चर्चा की गई है। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि समय-सीमा में राजस्व प्रकरण निराकृत करें। अभियान में लापरवाही और उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर ज्योति शर्मा, निशा डामोर, राजेंद्र रघुवंशी तथा रोशन राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।


