राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिस्टम में ढेरों खामियां:नक्शा बंटवारे का विकल्प नहीं, 50 हजार मामले पेंडिंग, एसएमएस सिस्टम भी फेल

राजस्व विभाग में 11 वर्षों से सुधार की लगातार कोशिशें हो रही हैं ताकि आम लोगों को सहूलियत मिल सके। इसके बावजूद भी जनता परेशान है। वजह यह है कि सुधार के बाद भी तकनीकी कारणों से लोगों के काम अटक जाते हैं या कुछ राजस्व अधिकारी जानबूझकर काम अटकाने के नए-नए तरीके अपनाते हैं। इसका पता उन आंकड़ों से चलता है जिनमें सुधार होने के बावजूद भी पेंडेंसी बनी हुई है। तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं और उनमें सुधार भी लाया जा रहा है, लेकिन सुधारों के तहत मिलने वाली सुविधाओं पर रोक लगाने वालों की मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। इस कारण सरकार के अच्छे इरादों का लाभ आम जनता तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है। जिन सुविधाओं का लोग बिना किसी परेशानी के फायदा उठा सकते हैं, फिलहाल वे सुविधाएं आम लोगों को नजर नहीं आ रही हैं। यही वजह है कि आम जनता की परेशानियां कम होने की बजाय बनी हुई हैं। अभिलेख सुधार के दस हजार से ज्यादा मामले पेंडिंग: धारा-अ-6-अ के तहत अभिलेख सुधार का अधिकार पहले एसडीएम के पास था, जिससे मामलों की पेंडेंसी बढ़ रही थी। तय किया गया कि ये अधिकार एसडीएम के बजाय अब तहसीलदार को दे दिया जाए ताकि समय पर मामलों का निराकरण संभव हो सके। जानिए लोगों को क्या परेशानी हो रही है… कमियों की मॉनिटरिंग जरूरी सरकार ने अच्छे उद्देश्य से सुधार किए हैं, लेकिन कमियों की मॉनिटरिंग भी जरूरी है ताकि बेहतर परिणाम मिल सकें। मॉनिटरिंग नियमित होनी चाहिए।- आरए कुरूवंश, रिटायर अपर कलेक्टर, बिलासपुर खामियों पर ध्यान दिया जाएगा सुधारों की कोशिश जारी रहेगी, लेकिन खामियों पर भी ध्यान दिया जाएगा ताकि आम लोगों को पूरा लाभ मिल सके। मॉनिटरिंग भी आवश्यक है और इसे बैठक में चर्चा की जाएगी।-टंकराम वर्मा, राजस्व मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *