भास्कर न्यूज | राजिम संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को दोबारा राजिम पहुंचे। यहां उन्होंने संभागायुक्त महादेव कावरे, कलेक्टर बीएस. उईके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ,जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर के साथ नदी क्षेत्र और मेला स्थल का निरीक्षण किया। मंत्री के आने की किसी भी प्रकार से जानकारी स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया को नहीं दी गई। यह पहला मौका नहीं है। अभी तक मंत्री और अधिकारिक स्तर में कम से कम 6 बैठकों से ज्यादा हो गई है परंतु इसकी जानकारी स्थानीय पत्रकारों को नहीं दी जाती। सिर्फ एक बार कलेक्टर उइके ने राजिम के पत्रकारों से मुलाकात करने की इच्छा जहिर की। यह जानकारी भी शाम 5-6 बजे के करीब जनसंपर्क अधिकारी द्वारा दी गई। इस समय आमतौर तौर पर पत्रकार दफ्तरों से खबरें सब्मिट करते हैं। बहरहाल गुरुवार को मंत्री अग्रवाल ने सबसे पहले गंगा आरती स्थल पहुंचकर सुरक्षा मानकों, दर्शक दीर्घा, प्रकाश व्यवस्था तथा आपातकालीन निकासी मार्गों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आरती स्थल पर भीड़ नियंत्रण, बैरिकेड्स, जल-स्तर मॉनिटरिंग और फायर सेफ्टी मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता पर हो। मंत्री ने द्वादश ज्योतिर्लिंग की थीम पर विकसित किए जा रहे नवीन मेला मैदान में झांकियों का अवलोकन किया। कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के इस आयोजन में आस्था के अनुरूप भव्यता और सुंदरता का समुचित ध्यान रखा जाए। इसके अलावा उन्होंने मंच व्यवस्था, बैठने की क्षमता, पंडालों की मजबूती, स्वच्छता और पेयजल आपूर्ति की तैयारियों का जायजा लिया। कहा कि विवाह स्थल पर स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं आनी चाहिए। नदी में पैदल यात्रियों के लिए बनाए जा रहे पथ मार्ग, दुकान व्यवस्था, स्नान कुंड, संत समागम स्थल और शाही कुंड क्षेत्र का भी उन्होंने निरीक्षण किया। यहां लोक निर्माण विभाग को शाही कुंड क्षेत्र में मजबूत बैरिकेटिंग, संतों के आश्रय स्थलों पर पर्याप्त संख्या में शौचालय निर्माण एवं मार्गों की मरम्मत ठीक से करने कहा। कुलेश्वर मंदिर क्षेत्र के लोमष ऋषि आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए वहां भी सफाई, प्रकाश व्यवस्था और यातायात नियंत्रण को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। सुरक्षा के मद्देनजर मंत्री ने पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था ,वाहन प्रवेश-निकास की स्वतंत्र व्यवस्था तथा यातायात मार्गों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने कहा।


