करीब दो साल पहले नौकरी से निकाले गए राजीव गांधी युवा मित्रों ने राज्य सरकार से कहा कि या तो हमें मौत दे या रोजगार दे। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी कैंसर से भी बड़ी बीमारी होती है। अजमेर में राजीव गांधी युवा मित्रों ने शुक्रवार को पैदल मार्च निकाल कर नौकरी पर बहाल करने की मांग की। युवा मित्र संघर्ष समिति के बैनर तले चलाए जा रहे अभियान के तहत हल्ला बोल-इंसाफ रैली निकाली गई। राजीव गांधी युवा मित्रों ने चेतावनी दी कि संभाग स्तर पर प्रदर्शन के बाद भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो जयपुर में पड़ाव डाला जाएगा। संभागीय आयुक्त कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। रैली डाक बंगले से रवाना हुई। 2 वर्ष पहले हटाया था राजीव गांधी युवा मित्रों को, अटल प्रेरक योजना में अवसर की मांग
प्रदेश अध्यक्ष संजय मीणा हींगवा ने बताया कि राजीव गांधी युवा मित्रों को सेवा से हटे हुए लगभग 2 वर्ष हो चुके हैं। हम आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत कार्य करते हुए राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे थे। लगातार मांग के बावजूद अब तक हमारी बहाली पर निर्णय नहीं लिया गया। ज्ञापन में बताया कि उन्हें केवल रोजगार बहाली से मतलब है। चाहे सरकार हमें किसी भी विभाग या पद पर लगाए। उन्होंने कहा कि हाल ही घोषित अटल प्रेरक योजना में भी अवसर दिया जाए तो हम तैयार हैं। बेरोजगारी के कारण युवा मित्र और उनके परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। अत: मानवीय संवेदना रखते हुए जल्द निर्णय लेकर फिर जनसेवा का अवसर दिया जाना चाहिए।


