राज्यपाल ने कहा:शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण का काम भी करें स्कूल

मानसरोवर में बुधवार को भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध एक निजी स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि कहीं कोई विद्यालय खुलता है तो ज्ञान की एक खिड़की समाज को मिलती है। उन्होंने विद्यालयों को बच्चों की बौद्धिक क्षमता का विकास करने का स्थान बनाए जाने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा जीवन को गढ़ती है। वही समाज आगे बढ़ता है, जो शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की नींव विद्यालय ही तैयार करते हैं। पर विद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने के केंद्र ही नहीं हों बल्कि वहां विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण का कार्य भी हो। स्कूल शिक्षा परिवार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा, गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त के जनक भारत के होने, भास्कराचार्य द्वारा की गई खोजों और सभी क्षेत्रों में भारत के अग्रणी रहने के उदाहरण देते हुए शिक्षकों का आह्वान किया कि वे नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान-विरासत से जोड़े। कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने कहा कि इंसान को अपनी इंद्रियों और मन पर पूरी तरह से नियंत्रण रखना चाहिए, जो बह गया, वह भोगी और जो ठहर गया वह योगी। आज की शिक्षा आदमी को योगी नहीं, भोगी बना रही है। इस कार्यक्रम में शिक्षामंत्री मदन दिलावर और कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा भी मौजूद थे।

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