कोल्हान विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में बुधवार को राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने जीवन में सफलता के मूल सूत्र बताते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सतत प्रयास, ईमानदारी और मजबूत चरित्र ही व्यक्ति को ऊंचाइयों तक ले जाता है। राज्यपाल ने छात्रों से अपील की कि वे केवल सरकारी या निजी नौकरियों का इंतजार न करें। इसके बजाय, उन्हें स्वयं अवसर सृजन करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में नवाचार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने युवाओं को स्टार्टअप, उद्यमिता और सामाजिक विकास के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया। 195 स्वर्ण पदक विजेताओं को पदक और उपाधि प्रदान की इस अवसर पर राज्यपाल ने चार सत्रों के कुल 195 स्वर्ण पदक विजेताओं को पदक और उपाधि प्रदान की। दीक्षांत समारोह में कुलपति, विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी, प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। राज्यपाल ने सभी छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है। यह तभी संभव है जब वे दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ें। राज्यपाल ने भारतीय संविधान के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संविधान न केवल विश्व का सबसे विशाल लोकतंत्र है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति, सामाजिक न्याय और जनकल्याण का प्रमुख मार्गदर्शक भी है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे संविधान प्रदत्त मूल्यों जैसे न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।


