विश्व दिव्यांग दिवस पर 3 दिसंबर, बुधवार को भारतीय दिव्यांग संघ ने जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया। राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्ज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। अपने संबोधन में राज्यपाल बागड़े ने कहा – दिव्यांगजन किसी भी रूप में कमतर नहीं हैं। उचित अवसर और मंच मिलने पर वे समाज के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने भारतीय दिव्यांग संघ के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों की क्षमताओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना, उनके आत्मविश्वास को मजबूत करना और समाज में समावेशन व संवेदनशीलता का संदेश फैलाना था। इस अवसर पर देशभर से आए दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा, कला, कौशल और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। दर्शकों और अतिथियों ने उनके प्रदर्शन की सराहना की। विशिष्ट अतिथियों में अखिल भारतीय गोशाला सहयोग परिषद की अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ. अतुल गुप्ता, गोपालपुरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष पवन गोयल, गिरधर महेश्वरी, प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष राधारमन शर्मा और शिल्पी अग्रवाल शामिल थे। इन सभी ने दिव्यांगजनों की उपलब्धियों और संघर्षों को समाज के लिए एक सीख बताया। कार्यक्रम का संचालन भारतीय दिव्यांग संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद नारायण ने किया। कार्यक्रम संयोजक एवं राष्ट्रीय महिला संरक्षक मंडल की चेयरपर्सन समीक्षा जैन, राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार देवेंद्र कुमार शर्मा और राजस्थान प्रभारी विष्णु कुमार मित्तल ने आयोजन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 21 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया समारोह में कुल 21 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें 10 दिव्यांगजनों को “दिव्यांग गौरव सम्मान” और 10 सामान्य व्यक्तियों को “दिव्यांग ज्योति सम्मान” प्रदान किया गया। दिव्यांग क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए राजस्थान व्हीलचेयर क्रिकेट टीम को सर्वोच्च सम्मान “भारतीय दिव्यांग संघ रत्न” से नवाजा गया। दिव्यांग गौरव सम्मान प्राप्त करने वालों के नाम दिव्यांग गौरव सम्मान प्राप्त करने वालों में ग्यारसी लाल, नरेंद्र, आलोक, ओमप्रकाश सैनी, शारदा, गिन्नी, ममता वर्मा, पप्पू, नेहा अरोड़ा और दिलीप कुमार पारगी शामिल रहे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर समाज को दिशा दी है। दिव्यांग ज्योति सम्मान के लिए सेवा और सहयोग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जय वशिष्ठ, गोविंद नाटाणी, देवेंद्र कुमार शर्मा, कमलेश सोनी, अक्षय सेन, डॉ. हिमांशु इलाहाबादी सहित अन्य चयनित व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। दिव्यांगजन ने साबित किया कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं कार्यक्रम की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहीं। संगीत, नृत्य और नाट्य के माध्यम से दिव्यांगजन ने साबित किया कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। दर्शकों ने खड़े होकर कलाकारों का अभिनंदन किया। कई क्षणों पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।


