राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने क्वालिटी एज्यूकेशन नहीं देने वाले कॉलेज, विश्चविद्यालयों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया है। वीसी कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक में राज्यपाल ने कहा- ‘उच्च शिक्षा में सुधरो नहीं तो बंद करो’ की नीति पर काम किया जाएगा। राज्य में शैक्षिक गुणवत्ता पर कहीं कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसे शिक्षण संस्थान जिनके पास शैक्षिक गुणवत्ता नहीं है, उसे बंद किया जाए। राज्यपाल ने कहा- अनुमति के बिना यदि कहीं किसी कॉलेज या शिक्षण संस्था को विश्वविद्यालय स्तर पर मान्यता दी गई है तो उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। राज्य में स्कूल से उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रयास हों। शिक्षा ही विकास की नींव है, इसलिए इसके उत्थान के लिए सभी स्तरों पर प्रयास हों। हर साल विश्वविद्यालयों की ऑडिट करवाने की हिदायत
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को दीक्षांत समारोह हर साल आयोजित किए जाने और उसे कम से कम खर्च में कराने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालयों में महालेखाकार ऑडिट हर साल कराए जाने और ऑडिट टीम को सभी तरह का सहयोग किए जाने की भी हिदायत दी है। नेक रैंकिंग की बाधाओं को दूर करने के निर्देश
राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों में नेक रैंकिंग (नेशनल अकेडेशन काउंसिल) के लिए टाइम बाउंड और प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा- नेक रैंकिंग के लिए विश्वविद्यालयों में आ रही बाधाओं को दूर किया जा रहा है। विश्वविद्यालय शैक्षिक गुणवत्ता, पाठयक्रम और शिक्षण पद्धति में नवाचार से जुड़ी प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करें। राज्य सरकार स्तर से जुड़ी भर्ती और वित्तीय स्वीकृतियां से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी पूरा करने का जल्द प्रयास किया जाएगा। राज्यपाल ने पुस्तकों से लुप्त महत्वपूर्ण भारतीय इतिहास, ज्ञान परंपरा, महत्वपूर्ण विषयों को विश्वविद्यालयों में दीवार पर प्रदर्शित किए जाने के भी निर्देश दिए।
—
ये खबर भी पढ़िए-
एक धर्म के लोगों का पलायन रोकने कानून लाएगी राजस्थान-सरकार:अल्पसंख्यक इलाकों को अशांत क्षेत्र घोषित कर सकेगी, प्रॉपर्टी बेचने पर रहेगी रोक राजस्थान में एक धर्म के लोगों का पलायन रोकने के लिए भजनलाल सरकार कानून लाएगी। बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने डिस्टर्ब एरिया एक्ट को मंजूरी दे दी। (पढ़िए पूरी खबर)


