रांची जिले में बुधवार को मैट्रिक की परीक्षा 87 केंद्रों में हुई, जिसमें 99.38 प्रतिशत परीक्षार्थी शामिल हुए। वहीं, इंटर की परीक्षा 48 केंद्रों में हुई, जहां उपस्थिति प्रतिशत 99.13 रही। राज्यभर में मैट्रिक में 99.2 प्रतिशत और इंटर में 99 प्रतिशत परीक्षार्थियों की उपस्थिति रही। दोपहर एक बजे हिंदी की परीक्षा देकर एग्जाम सेंटर से बाहर निकले परीक्षार्थियों के चेहरे खिले दिखे। उर्सुलाइन गर्ल्स हाई स्कूल की परीक्षार्थी सुहानी कुमारी और शिवानी कुमारी ने बताया कि हिंदी के सवाल सामान्य थे। मॉडल टेस्ट पेपर से बहुत सारे सवाल पूछे गए थे। बहुवैकल्पिक सवाल किताब से ही पूछे गए थे। जैसे ही परीक्षार्थियों को बुकलेट मिला, सवाल देखते ही सभी परीक्षार्थियों के चेहरे खिले दिखे। परीक्षार्थियों ने बिना किसी तनाव के पहले दिन परीक्षा दी। वहीं, दोपहर एक बजे से इंटर में साइंस और कॉमर्स के छात्रों ने इकोनॉमिक्स विषय की परीक्षा दी। जबकि आर्ट्स के छात्रों ने एंथ्रोपोलॉजी विषय की परीक्षा दी। इकोनॉमिक्स में न्यूमेरिकल के सवालों में परीक्षार्थी उलझे। कहा कि ट्रिकी सवाल पूछे गए थे। 5 फरवरी को मैट्रिक के छात्र गृह विज्ञान और इंटर में साइंस और कॉमर्स के छात्र गणित की परीक्षा देंगे। डीईओ ने परीक्षा केंद्रों का िकया िनरीक्षण दूसरी पाली में आयोजित इंटर की परीक्षा में डीईओ विनय कुमार ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में मारवाड़ी +2 उच्च विद्यालय, बालकृष्ण +2 उच्च विद्यालय, उर्सुलाइन कान्वेंट गर्ल्स हाई स्कूल, उर्सुलाइन इंटरमीडिएट कॉलेज, संत कुलदीप हाई स्कूल, हरमू, योगदा सत्संग विद्यालय जगन्नाथपुर एवं योगदा इंटरमीडिएट कॉलेज जगन्नाथपुर रांची का निरीक्षण किया। सभी परीक्षा केंद्रों पर शान्तिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त परीक्षा का संचालन किया जा रहा था। इकोनॉमिक्स में न्यूमेरिकल में स्टैंडर्ड सवाल पूछे गए थे। बहुवैकल्पिक प्रश्नों में 4-5 सवाल ऐसे थे जो ट्रिकी थे। जिन बच्चों ने पूरी किताब अच्छे से पढ़ी होगी वही कर पाएंगे। शॉर्ट और लांग क्वेश्चन स्ट्रेट पूछे गए थे। बच्चे कन्फ्यूज नहीं हुए। परीक्षार्थी आसानी से 70 नंबर ला सकते है। -अनुपम अभिषेक सिंह, इकोनॉमिक्स शिक्षक, संत जेवियर्स कॉलेज हिंदी के सवाल आसान पूछे गए थे। सभी सवाल किताब से ही पूछे गए थे। मॉडल टेस्ट पेपर से भी कई सवाल पूछे गए थे। व्याकरण भाग से भी जो सवाल पूछे गए थे, सभी आसान थे। सवालों को देखकर लगता है कि मैट्रिक बोर्ड की परीक्षा के दौरान छात्रों को कोई परेशानी नहीं हुई होगी। – सि. आभा मिंज , हिंदी शिक्षिका, संत अन्ना हाई स्कूल


