उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में गांजा तस्करी के आरोप में शैलेन्द्र सिंह उर्फ सिम्मू की गिरफ्तारी के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमाने लगा है। सतना जिले की रैगांव सीट से पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने प्रदेश की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी पर आरोप लगाया है कि वे अपने रिश्तेदारों को संरक्षण दे रही हैं, जिससे अवैध कारोबार बढ़ रहा है। पूर्व विधायक ने लगाए गंभीर आरोप कल्पना वर्मा ने बताया कि बांदा पुलिस ने जिस शैलेन्द्र सिंह को पकड़ा है, वह पहले सतना में नशीली कफ सिरप के साथ भी पकड़ा जा चुका है, लेकिन दबाव के कारण पुलिस उस पर कार्रवाई नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नशे के कारोबार को राजनीतिक संरक्षण मिलने से नेटवर्क लगातार सक्रिय है। पहले भी हो चुकी गिरफ्तारी पूर्व विधायक के अनुसार शैलेन्द्र सिंह को सिंहपुर थाना क्षेत्र में भी नशीली दवाओं के मामले में पकड़ा गया था, फिर भी उसके अवैध कार्य नहीं रुके। कल्पना वर्मा ने पूरे नेटवर्क की जांच कर बड़े लोगों की भूमिका सामने लाने और कार्रवाई करने की मांग की है। नरैनी पुलिस ने 5 आरोपी पकड़े घटना 3 दिसंबर की है जब बांदा जिले की नरैनी थाना पुलिस ने अभियान चलाकर गांजा तस्करी करने वाले गिरोह को पकड़ा। पुलिस ने मौके से 10 किलो 400 ग्राम सूखा गांजा, 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, चार पहिया वाहन और मोटरसाइकिल जब्त की। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक, शैलेन्द्र सिंह, बुद्धविलास, महिपत और अभिलाष शामिल हैं। पुलिस अब नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।


