मध्य प्रदेश के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने अनुसूचित जाति–जनजाति वर्ग (SC-ST) के विधायक-सांसदों की तुलना कुत्ते से कर दी थी। उन्होंने कहा था कि, ‘बाबा साहब ने कहा था कि जॉइंट इलेक्टोरल में प्रवेश करने के बाद हमारे प्रतिनिधि कैसे होंगे… जैसे कुत्ते के मुंह पर बंधी पट्टी। काटने की बात छोड़िए, वह कुत्ता भौंक भी नहीं पाएगा।’ कांग्रेस विधायक के इस बयान पर राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे मानसिक रूप से विकृत बयान करार देते हुए आलोचना की। राज्यसभा सांसद ने कहा कि जनता ने उन्हें चुनकर बड़ी गलती की है। फूल सिंह बरैया को यह नहीं पता कि इतिहास इस बात का गवाह है कि हिंदू धर्म की रक्षा में एससी वर्ग के लोगों की बड़ी भूमिका रही है। सुमित्रा बाल्मीक ने कहा कि जिस तरह से उन्होंने एससी-एसटी वर्ग के विधायक और सांसदों के बारे में कहा, वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि फूल सिंह बरैया को एससी-एसटी समुदाय से माफी मांगना चाहिए। सांसद ने यह भी कहा कि कांग्रेस विधायक ने एससी-एसटी के प्रतिनिधियों को नहीं, बल्कि उन्हें चुनकर विधानसभा और लोकसभा तक पहुंचाने वाली जनता को गाली दी है। इनकी मानसिकता खराब हो गई है। ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक में बरैया ने कही थी बात बरैया ने कहा था, हम कोशिश करें कि हमारा आदिवासी हिंदू न बन पाए। अगर आदिवासी सरना (वनों का धर्म) बन जाए तो आदिवासी की भी मुक्ति का मार्ग निकल सकता है। बरैया ने ये बातें भोपाल के समन्वय भवन में 13 जनवरी को कांग्रेस की डिक्लेरेशन-2 की ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक में कहीं थी। मंच पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद उदित राज, झारखंड कांग्रेस के प्रभारी और रिटायर्ड आईएएस अफसर के. राजू, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, विधायक ओंकार सिंह मरकाम, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा मौजूद थे। ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस MLA बोले- SC-ST विधायकों की स्थिति कुत्ते जैसी मध्य प्रदेश के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग (SC-ST) के विधायक-सांसदों की तुलना कुत्ते से की है। उन्होंने कहा- बाबा साहब ने कहा था कि जॉइंट इलेक्टोरल में प्रवेश करने के बाद हमारे प्रतिनिधि कैसे हो जाएंगे…जैसे कुत्ते के मुंह पर बंधी पट्टी। काटने की बात छोड़िए, वो कुत्ता भौंक भी नहीं पाएगा। पूरी खबर पढ़ें…


