मनेंद्रगढ़ | केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा कानून में किए गए बदलावों के खिलाफ शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया। राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री व जिला प्रभारी नोबेल वर्मा सहित वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने मोदी सरकार पर मनरेगा को धीरे-धीरे बंद करने और मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाया। पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों को मिला संवैधानिक अधिकार था। केंद्र सरकार ने इसके मूल प्रावधानों को बदलकर इसकी आत्मा को ही खत्म कर दिया है। राज्यों पर 40% खर्च का बोझ डालना असल में इस योजना को बंद करने की एक गहरी साजिश है। जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा 100 दिन रोजगार का दावा कर जनता को गुमराह कर रही है। हकीकत यह है कि पिछले 11 वर्षों में औसतन केवल 38 दिन काम मिला है। छत्तीसगढ़ के गांवों में महीनों से काम बंद है। गुलाब कमरो ने कहा कि कोविड जैसी महामारी में जो योजना गरीबों की ढाल बनी थी, भाजपा सरकार आज उसी सुरक्षा कवच को छीन रही है। यह सामाजिक न्याय पर सीधा प्रहार है। रमेश सिंह ने कहा कि नए सिस्टम में अब सरकार तय करेगी कि काम किसे मिलेगा। पंचायतों की भूमिका खत्म होने से गांवों के विकास पर ब्रेक लग गया है। फसल कटाई के समय काम न देना गरीबों को भूखा रखने जैसा है।


