राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने पिछले 7 साल में बढ़े कामकाज के बोझ के आधार पर कैडर रिव्यू की मांग उठाई है। साथ ही विभागीय पदोन्नति के लिए साल में दो बार जुलाई और जनवरी में डीपीसी कराने की मांग उठाई है। राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति के लिए डीपीसी जल्द कराने की मांग भी उठाई है। राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के कुल 874 पद हैं, इनमें से 200 से अधिक पद खाली पड़े हुए हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता के मुताबिक 7 साल में प्रदेश में 5 नए जिले बने हैं, इसके अलावा नई तहसील और राजस्व अनुभाग भी बनाए गए हैं। कई विभागों के कामकाज में भी बदलाव आए हैं, कुल मिलाकर राज्य प्रशासनिक सेवा में 80 से 100 नए पद बढ़ाए जाने की जरूरत है। मौजूदा स्थिति में अधिकारियों पर कई अतिरिक्त प्रभार हैं। इससे पहले वर्ष 2013 और 2018 में कैडर रिव्यू हुआ था, 2013 में लगभग 78 पद और 2018 के कैडर रिव्यू में 99 पद बढ़ाए गए थे। गुप्ता का कहना है कि दूसरे राज्यों में 15 साल में नायब तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर बन जाते हैं, लेकिन मप्र में 19 से 20 साल लग रहे हैं। डिप्टी कलेक्टर के 50 फीसदी पद प्रमोशन और 50 फीसदी डायरेक्ट भर्ती से लेने का प्रावधान है, लेकिन प्रमोशन के बजाए प्रभारी डिप्टी कलेक्टर बनाया जा रहा है। राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को जिला पंचायत सीईओ और जिलों में एडीएम के पद पर भी पोस्टिंग नहीं मिल पा रही है। इन पदों पर ज्यादातर आईएएस तैनात हैं या पद खाली होने से दूसरे अफसरों पर प्रभार है। 15 अफसरों को मिला वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान
राज्य शासन ने मंगलवार को राज्य प्रशासनिक सेवा के 15 अफसरों को पदोन्नत करते हुए वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान देने के आदेश जारी कर दिए। जीएडी के आदेश के अनुसार, 1998 से लेकर 2008 बैच तक के अफसरों को इसका फायदा मिलेगा। 2014-19 बैच तक के 28 अफसरों को क्रमोन्नति देते हुए कनिष्ठ श्रेणी से वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान में पदोन्नत किया गया है। आईपीएस का प्रमोशन इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह बने एडीजी राज्य शासन ने मंगलवार को प्रदेश के 28 भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अफसरों के पदोन्नति आदेश जारी कर दिए। इंदौर पुलिस कमिश्नर 2000 बैच के आईपीएस संतोष कुमार सिंह आईजी से पदोन्नत होकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) बनाए गए हैं। 2007 बैच के 4 आईपीएस अधिकारी सचिन अतुलकर, कुमार सौरभ, कृष्णावेनी देसावतु, जगत सिंह राजपूत को डीआईजी से पदोन्नत कर आईजी बनाया गया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर 2007 बैच की ही रुचिका जैन को प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है। वर्ष 2010 बैच के अधिकारी विजय कुमार खत्री, विनीत जैन, मनोज कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह को एसपी से पदोन्नत कर डीआईजी बनाया गया है। वहीं 2012 बैच के 18 आईपीएस अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान दिया गया, इनमें कई जिलों के एसपी और कमांडेंट के पद पर हैं। यह पदोन्नति 1 जनवरी से लागू होंगी।


