अब केवल राज्य और जिला स्तर की अस्पतालों की ही डिजिटल सिस्टम से निगरानी होगी। पहले प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्रों से लेकर राज्य में मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने की एक रूपरेखा तय हुई थी। राज्य योजना पर्ाधिकृत समिति ने इसमें सुधार कर जिला और राज्य स्तरीय अस्पतालों के लिए ऐसी व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने केवल राज्य और जिला अस्पतालों का ही डिजिटल सिस्टम से निगरानी करने का प्रस्ताव बनाया। पिछले सप्ताह राज्य योजना प्राधिकृत समिति ने संशोधित प्रस्ताव पर मंजूरी दे दी है। स्वास्थ्य विभाग अब प्रस्ताव को कैबिनेट में भेजने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार, इसके लागू होने पर राज्य के मेडिकल कॉलेज से लेकर जिला स्तर के अस्पतालों में ही मॉनिटरिंग सिस्टम लगेगा। नई डिजिटल व्यवस्था से वहां कार्यरत सभी डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों के अटेंडेंस और उपस्थिति का क्रॉस वेरिफिकेशन होगा। मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के तहत सभी अस्पतालों को डिजिटली जोड़ने का कार्यक्रम है। फिलहाल, इस योजना पर 300 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कई चरणों में काम होगा। सरकार ने बीएसएनएल व सीडैक को मनोनयन के अाधार पर काम देने का भी प्रस्ताव तैयार किया है। अस्पतालों की मॉनिटरिंग के लिए बनेगा कंट्रोल रूम सूत्रों के मुताबिक, राज्य और जिला स्तर के अस्पतालों से दूसरे अस्पताल व आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम बनेगा। भविष्य में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सभी स्वास्थ्य केंद्रों में इसे लागू करने की योजना है। रियल टाइम कम्युनिकेशन के माध्यम से सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टर व पारामेडिकल पर निगरानी रखने में वाई-फाई से जुड़े मोबाइल उपकरणों का उपयोग होगा। इसमें टेली मेडिसिन सेवाओं की सुविधा भी होगी। इससे दूर क्षेत्र में रहने वाले भी विशेषज्ञ से परामर्श ले सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में जनता के लिए 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और विशेषज्ञ चिकित्सकों की परामर्श करने के लिए भी ऑटोमेटिक तकनीक का उपयोग होगा। इस डिजिटल सिस्टम को लागू कर सरकारी और गैर सरकारी डॉक्टर की भी सहायता ली जा सकेगी। अस्पतालों में ये काम कराए जाएंगे अस्पतालों में आवश्यकता के अनुसार आईटी हार्डवेयर, कंप्यूटर प्रिंटर, स्कैनर, आधार कार्ड स्कैनर उपलब्ध कराया जाएगा। सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों भी अत्याधुनिक उपकरण लगेंगे। राज्य मुख्यालय, चिकित्सा महाविद्यालय एवं दूसरे अस्पतालों के लिए अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल रूम बनेगा। हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।


