भरतपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक एम्प्लाइज यूनियन एवं ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को भरतपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक लि., प्रधान कार्यालय के समक्ष जिला स्तरीय एक दिवसीय धरना दिया गया। कार्मिकों ने राज्य सरकार पर 11.43 करोड़ रुपए ब्याज एवं 9.20 करोड़ रुपए ब्याज अनुदान बकाया होने का आरोप लगाते हुए भुगतान की मांग की। कर्मचारियों ने बताया कि राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना के तहत बैंक को मूल राशि पर देय 11.43 करोड़ रुपए की ब्याज दावा राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार इस बकाया राशि का शत-प्रतिशत प्रावधान (प्रोविजन) लेखा पुस्तकों में करने के कारण वित्तीय वर्ष 2024-25 में बैंक को 13.73 करोड़ रुपए की शुद्ध हानि उठानी पड़ी। इसके अतिरिक्त, समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को देय 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान की 31 अगस्त 2025 तक की 9.20 करोड़ रुपए की राशि भी राज्य सरकार से प्राप्त नहीं हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि इसी राशि का एक हिस्सा व्यवस्थापकों के वेतन भुगतान के लिए निर्धारित है। भुगतान नहीं मिलने से व्यवस्थापक सितंबर माह से अघोषित कार्य बहिष्कार पर हैं। संगठन के अध्यक्ष हरीश चंद मीणा व सचिव विष्णु सिंह ने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर राज्यभर के सहकारी बैंक कार्मिक आंदोलन की राह पर हैं। धरने पर मुकेश कुमार, नवीन कुमार जैन, प्रियंका श्योराण, आयुष लाम्बा, सक्षम सिंह, बनवारी लाल शर्मा, उमराव सिंह, रतन लाल सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे। प्रान्तीय संगठन के महासचिव सूरजभान सिंह आमेरा के नेतृत्व में 9 फरवरी को जयपुर में एक दिवसीय राज्यव्यापी सामूहिक धरना व रैली आयोजित की जाएगी। यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के सभी जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।


