छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में हर रात हाथी बंगुरसिया धान खरीदी केन्द्र में पहुंच रहा है। अब तक 20 से अधिक बोरी धान को हाथी ने नुकसान कर दिया है। वहीं बीती रात हाथी ने 5 बोरा धान को खाया और फैलाया। जब हाथी आने की जानकारी मिली, तो हाथी मित्र दल व वनकर्मी मौके पर पहुंचकर उस पर निगरानी करने लगे। सोमवार की रात तकरीबन साढ़े 8 बजे जंगल से निकलकर एक दंतैल धान खरीदी केन्द्र में पहुंच गया। काफी देर तक एक जगह पर खड़े रहने के बाद धीरे-धीरे वह धान के बोरो तक पहुंचा और एक-एक कर 5 बोरी धान को उसने खाया और फैला दिया। इस दौरान हाथी मित्र दल व बंगुरसिया वन अमला के द्वारा उस पर दूर से निगरानी की जा रही थी। रात में उसे जंगल की ओर भगाने का भी प्रयास किया गया, लेकिन वह वहीं डटे रहा और सुबह तकरीबन साढ़े 3 बजे एक बार जंगल की ओर गया। फिर दोबारा धान खरीदी केन्द्र में पहुंचा और कुछ देर रहने के बाद वापस जंगल की ओर चले गया। पिछले करीब 5-6 दिनों से हर दिन हाथी यहां पहुंच रहा है और अब तक 20 बोरी से अधिक धान को नुकसान कर चुका है। आसपास गांव में कराई गई मुनादी
हर रात हाथी के जंगल से निकलकर आने की वजह से बंगुरसिया समेत आसपास के गांव में मुनादी कराई गई है। ताकि जंगल की ओर कोई न जाए। वहीं बताया जा रहा है कि बंगुरसिय पूर्व सर्किल में 5 हाथी है और रायगढ़ वन मंडल में 44 हाथियों का दल है। जिसमें शावक भी शामिल है। सबसे अधिक हाथी रायगढ़ रेंज के पड़िगांव में 31 हाथी का दल मौजूद है। लगातार कर रहे निगरानी
इस संबंध में रायगढ़ रेंजर संजय लकड़ा ने बताया कि हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए इन पर लगातार निगरानी की जा रही है। ताकि किसी प्रकार का कोई बड़ा नुकसान न हो। हर रात हाथी धान खरीदी केन्द्र में पहुंच रहा है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।


