झाबुआ जिले के रानापुर में सोमवार को सात दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ शोभायात्रा के साथ हुआ। शोभायात्रा ने पूरे नगर को भक्तिमय माहौल से भर दिया। यात्रा मुख्य यजमान रमेश राठौर के निवास से ढोल-ताशों और बैंड-बाजों के साथ शुरू हुई। इसमें महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर चल रही थीं, जबकि पुरुष श्वेत वस्त्रों में शामिल हुए। नगर के प्रमुख चौराहों पर महिलाओं ने गरबा नृत्य प्रस्तुत किया। यात्रा भवानी चौक, सुभाष मार्ग और आजाद चौक से होते हुए कथा स्थल पर पहुंची, जहां जगह-जगह पुष्प वर्षा से इसका स्वागत किया गया। यह रहे उपस्थित इस अवसर पर झाबुआ विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया, सोम सिंह सोलंकी, कैलाश डामोर, रामेश्वर नायक और तहसीलदार एच.सी. निगवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सालंगपुर से आए सुप्रसिद्ध कथावाचक स्वामी सत्यप्रकाश दास महाराज ने भगवान स्वामीनारायण की प्रतिमा स्थापित की और 22 जनवरी 2026 को होने वाले ‘हिंदू संगम’ कार्यक्रम की ध्वजा का मुहूर्त जारी किया। कथा के पहले दिन कई प्रसंग सुनाए स्वामी सत्यप्रकाशदास महाराज ने प्रथम दिन श्रीराम जन्म से लेकर राज्याभिषेक और बालि वध तक के प्रसंग सुनाए। उन्होंने डिजिटल युग पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज परिवार के लोग एक साथ बैठकर भी मोबाइल में व्यस्त रहते हैं और आपसी संवाद खत्म हो रहा है। स्वामी जी ने कहा कि व्यक्ति के पास धन से अधिक ‘सुंदर मन’ होना जरूरी है। कार्यक्रम में मुख्य यजमान रमेश राठौर, सहायक यजमान नीलेश सोनी परिवार और रामायण पारायण के लाभार्थी नटवरलाल महेश चंद्र हरसोला परिवार ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। प्रथम दिन की प्रसादी हसमुख लाल सोनी, मांगीलाल राठौड़ और डॉ. भगवानदास काबरा सहित अन्य परिवारों को वितरित की गई।


