भास्कर न्यूज | रामगढ़ विश्व यक्ष्मा दिवस पर सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। वहीं राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रामगढ़ जिले में कुल 14 पंचायत टीबी मुक्त घोषित किया गया है। जिसमें पतरातू के एक, रामगढ़ के तीन, दुलमी के दो, चितरपुर के एक, गोला प्रखंड के चार और मांडू प्रखंड के तीन पंचायत शामिल हैं। इसका विधिवत शुभारंभ जिले के सिविल सर्जन डॉ. महालक्ष्मी प्रसाद और जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार चौधरी ने किया। शिविर को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन ने लोगों को टीबी रोग के लक्षण व बचाव से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से पूरे देशभर में वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके लिए टीबी के संक्रमण को फैलने से रोकने व संक्रामक रोग से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग निक्षय शिविर के तहत गांव-गांव में जाकर लोगों का नि:शुल्क चेस्ट का एक्स-रे और बलगम की जांच किया गया है। अभियान का उद्देश्य लोगों को टीबी के संक्रमण से बचाना है। बताया कि पिछले वर्ष में 26009 सम्भावित व्यक्तियों की बलगम जांच की गई है। इसमें 1429 टीबी के मरीज पाए गए। इसके अतिरिक्त 21 एमडीआर मरीज पाए गए। पिछले वर्ष टीबी मरीजों 98.5 प्रतिशत सफल उपचार किया गया है। जागरूकता शिविर के दौरान सौ दिवसीय निक्षय शिविर में बेहतर कार्य के लिए उन्होंने कई स्वास्थ्यकर्मियों सहित जनप्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया। मौके पर डॉ. विवेक कुमार, डॉ. सत्यप्रकाश, डॉ. पल्लवी कौशल, डीडीएम रश्मि आनंद, डीपीसी रंजीत कुमार सिंह, लैब टेक्नीशियन अरविंद कुमार, आशीष आइंद, सुशांत कुमार सहित सभी सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी, सीएचओ सहित दर्जनों स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे।


