रामगढ़ में कल से दो दिवसीय महोत्सव:रामायण कालीन धरोहरों से समृद्ध है रामगढ़, सांस्कृतिक और शोध कार्यक्रमों का होगा आयोजन

ऐतिहासिक-धार्मिक मान्यताओं से परिपूर्ण रामगढ़ में आषाढ़ महीने के प्रथम दिवस 11 और 12 जून को दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव का भव्य आयोजन होगा। जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, विद्यालयीन प्रस्तुतियां और कवि सम्मेलन से लेकर शास्त्रीय नृत्य और संगीत तक की रंगारंग प्रस्तुतियां होंगी। रामगढ़ महोत्सव की शुरुआत साल 1972-73 में की गई थी। उदयपुर का रामगढ़ प्राकृतिक वन संसाधनों और अपने ऐतिहासिक मान्यताओं की वजह से देश भर में प्रसिद्ध हैं। यहां रामायण कालीन साक्ष्य मिलते हैं। मान्यता है कि भगवान श्रीराम अपने वनवास काल के दौरान माता सीता और लक्ष्मण ने यहां रहकर कुछ समय बिताया था। रामगढ़ में 200 ई.पू. भरत मुनि ने अपनी नाट्यशाला की स्थापना की थी। शिलालेख के अनुसार यह विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला है। इसी स्थान पर महाकवि कालीदास ने विश्व प्रसिद्ध ग्रंथ मेघदूत की रचना की। धार्मिक मान्यता से जुड़ी है रामगढ़ की पहाड़ियां रामगढ़ पहाड़ी के 1000 फीट की ऊंचाई पर राम-जानकी मंदिर स्थित है। मंदिर से 50 मीटर की दूरी में पश्चिमी और उत्तर की दिशा में राम जानकी कुण्ड स्थित है। मान्यता है कि यहां पर माता सीता स्नान करने आती थी। इस कुण्ड के जल को अत्यंत पवित्र माना जाता है। रामगढ़ की पर्वतीय चट्टानों के नीचे प्राकृतिक गुफा है, जहां की चंदन मिट्टी से श्री रामचंद्र और लक्ष्मण ने अपनी जटाओं को धोकर साफ किया था। जिसकी वजह से लोग चंदन मिट्टी को पवित्र मानकर अपने माथे पर लगाते हैं। रामगढ़ पहाड़ी और सीता बेंगरा के नीचे एक हाथी पोल सुरंग है जिसे ऋक्ष बिल के नाम से भी जाना जाता है ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम रामगढ़ से लक्ष्मणगढ़ की ओर इसी ऋक्ष बिल से गुजरकर पहुंचे थे। सांस्कृतिक विरासत और जनआस्था का संगम रामगढ़ महोत्सव क्षेत्र की धार्मिक, ऐतिहासिक और जन आस्थाओं से जुड़ी विरासत को जीवंत बनाए रखने का माध्यम भी है। जिला प्रशासन द्वारा वर्ष 1972-73 से आषाढ़ माह के प्रथम दिवस पर प्रारंभ किया गया था। दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव में राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, शास्त्रीय नृत्य, कवि सम्मेलन, विद्यालयीन व महाविद्यालयीन प्रस्तुतियां, तथा संजय सुरीला सहित बाह्य कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधि होंगे शामिल महोत्सव में मुख्य अतिथि सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज शामिल होंगे। कार्यक्रम में विधायक राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो सहित गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

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