रामगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शीतलहरी का प्रकोप इतना बढ़ा हुआ है कि मौसम विभाग ने गुरुवार को रामगढ़ का अधिकतम तापमान 23.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। मौसम पर्यवेक्षक शशिकांत चौबे ने बताया कि इस वर्ष का सबसे अधिक ठंड 8 जनवरी को पड़ा है। उन्होंने 11 जनवरी से मौसम में परिवर्तन होने की जानकारी दी। कहा कि रामगढ़ के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना है। शीतलहरी से बच्चों को बचाने के लिए राज्य सरकार ने 13 जनवरी तक कक्षा 8वीं की पढ़ाई स्कूलों में बंद कर दिया है। लेकिन आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले नौनिहालों के केंद्रो को सरकार बंद करना भूल गई है। सवाल है कि इन बच्चों के अभिभावकों को बच्चों को केंद्र भेजना मजबूरी है, लेकिन विभाग अपनी जिम्मेवारियों और कर्तव्य से भाग रहा है। लिहाजा ऐसे सेंटरों में पढ़ने वाले नन्हे मुन्हे बच्चे दांत कटकटाती ठंड में आज भी अपने केंद्र जाने को मजबूर हैं। गुरुवार को मांडू के कुछ सेंटरों की पड़ताल की, तो उन्होंने कड़ाके की ठंड में गर्म कपड़ा पहने बच्चों को केंद्र में पढ़ते पाया। वहीं कुछ सेंटरों में ठंड से बचने के लिए बच्चों को धूप में पढ़ाई करते देखा गया। बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि इन दिनों शीतलहरी का प्रकोप काफी बढ़ा हुआ है। ठंड से स्कूली बच्चों को बचाने के लिए 13 जनवरी तक छुट्टी कर दी गई है। लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रो में पढ़ने वाले बच्चों के प्रति सरकार का ध्यान अब तक इस ओर आकृष्ट नहीं हुआ है। बताया जाता है कि मांडू के विभिन्न पंचायतो में कुल 286 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। जिसमें करीब दस हजार बच्चे अध्ययनरत हैं।


