भास्कर न्यूज| महासमुंद/बसना रामनवमी पर्व पर गढ़फुलझर स्थित रामचंडी मंदिर में एक अनोखी शादी हुई। कोलता समाज ने गरीब बेटी का विवाह कराकर अच्छी पहल की है। जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है। नव कन्या पूजन के दौरान ग्राम बिजेपुर (सांकरा) में एक निर्धन कन्या को अपनी बेटी मानकर कोलता समाज ने न सिर्फ वैदिक रीति रिवाज से विवाह कराया बल्कि समाज के सहयोग से कन्या विदाई के समय उपहार भेंट कर एक पिता का भी दायित्व निर्वहन करते हुए अन्य समाज के सामने एक मिसाल कायम की है। चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी तिथि को बाबा बिशासहे कुल कोलता समाज के कुल देवी मां रामचंडी मंदिर गढ़फुलझर में समाज के सहयोग से बिजेपुर निवासी कन्या वर्षा प्रधान और चिखली निवासी अन्नु प्रधान दाम्पत्य जीवन में बंधे। मां रामचंडी को साक्षी मानकर वर-वधु ने सात फेरे लेकर जीवन भर एक दूसरे का साथ निभाने का वादा किया। समाज के लोगों ने दोनों को आशीर्वाद दिया। विवाह कार्यक्रम में पहुंचे समाज के पदाधिकारी ने मां रामचंडी की पूजा अर्चना कर नव दंपत्ति को आशीर्वाद प्रदान कर मां रामचंडी से उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर कन्या को विदाई दी। मौके पर संभागीय उपाध्यक्ष प्रवीण भोई अंकेक्षक नंदलाल प्रधान, यजमान भाग्येश साहू, सचिव द्वय ललित साहू एवं रंकमणी प्रधान, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष त्रिवेणी बढ़ाई, षड़ानन भोई, नरोत्तम साहू, देवेन्द्र नायक सहित समाज के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। उपहार में आलमारी, तो किसी ने टीवी, पंखा कुलर भेंट किए: वर्षा प्रधान के विवाह के लिए समाज के लोगों ने आशीर्वाद के साथ सहयोग कर उपहार स्वरुप किसी ने अलमारी, तो किसी ने बर्तन, टीवी पंखा, समेत सभी दैनिक जीवन में उपयोग में आने वाली सामग्री दान कर पिता व रिश्तेदारों का कर्तव्य निभाया। इस तरह समाज के लोगों ने आर्थिक सहयोग प्रदान कर समाज के सामने मानवता का सुंदर उदाहरण पेश की। रसिक प्रधान, विनोद बारिक, खेमराज साहू, देवार्चन, मंदिर समिति अध्यक्ष चंद्रकांत भोई, रामलाल साहू, वेणूधर साहू, जिपं पंचायत सदस्य मोक्ष प्रधान मौजूद थे।


