अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नागौर शहर में उत्साह का माहौल रहा। विश्व हिंदू परिषद नागौर की ओर से पौष मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी के पावन अवसर पर शहर के राठौड़ी कुआं स्थित त्यागी जी की बगीची में एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली दिन की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष रामेश्वर सारस्वत ने की, जबकि परिषद के प्रांत सह सत्संग प्रमुख पुखराज सांखला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। 500 वर्षों के संघर्ष और संगठित शक्ति की विजय इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी लक्ष्मी नारायण दास महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र और उनके आदर्श प्रत्येक सनातनी के जीवन के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु राम ने सदा धर्म का मार्ग चुना और इस पावन भूमि पर मर्यादाओं की स्थापना की। महाराज ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि 500 वर्षों के लंबे संघर्ष और प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण संभव हुआ है। यह उपलब्धि समस्त हिंदू समाज की संगठित शक्ति, अटूट श्रद्धा और तन-मन-धन से किए गए समर्पण का प्रतिफल है, जिसके कारण आज अयोध्या विश्व का सबसे बड़ा और प्रमुख धार्मिक केंद्र बन चुका है। संगीतमय हनुमान चालीसा और श्रीराम स्तुति से गुंजायमान हुआ परिसर कार्यक्रम के दौरान समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया। मानस सत्संग परिवार के शंकरलाल चतुर्वेदी और सुप्रसिद्ध संगीतकार कैलाश मांकड़ ने अपनी मधुर आवाज में संगीतमय हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके पश्चात कलाकारों द्वारा श्रीराम स्तुति और रामलला की भव्य आरती का सस्वर गायन किया गया, जिसमें उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर हिस्सा लिया। आरती के दौरान जय श्रीराम के उद्घोष से परिसर गूंज उठा। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने दी उपस्थिति धार्मिक आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में आकाशवाणी के उद्घोषक मांगीलाल देवड़ा, रमेश गोयल, घनश्याम भाटी, राम कुमार सांखला, ललित सांखला, पुजारी जेठूदास महाराज, पंडित दिलीप मुथा सहित मंदिर ट्रस्ट के रामनिवास सांखला, पवन सांखला, कैलाश दास व नाथूराम सांखला ने शिरकत की। इसके साथ ही विश्व हिंदू परिषद के श्याम सुंदर माथुर, सेवा भारती के पुरुषोत्तम राजवंशी, साहित्य परिषद के सतपाल सांधू और वरिष्ठ अध्यापक बालकिशन भाटी सहित अनेक कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन जिला मंत्री मेघराज राव ने किया और अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया।


