विदिशा|शुक्रवार को श्री गणेश, शारदा और नारद वंदना के साथ लीला की शुरुआत हुई। धर्मनिष्ठ चक्रवर्ती सम्राट प्रतापभानु शिकार के लिए जंगल गए। शेर, भालू और अन्य पशुओं का शिकार करते-करते वे घने जंगल में भटक गए। रास्ता भूलने के बाद भूख-प्यास से व्याकुल होकर एक कुटिया में पहुंचे। वहां एक कपट मुनि रहता था। वह मुनि पहले एक राजा था, जिसे सम्राट ने युद्ध में हराया था। मुनि ने सम्राट को पहचान लिया, पर सम्राट उसे नहीं पहचान सके। मुनि ने बदला लेने की योजना बनाई। सम्राट ने मुनि से वरदान मांगा कि पृथ्वी पर कोई शत्रु न बचे। सात कल्प तक राज्य रहे। युद्ध में कोई पराजित न कर सके। मुनि ने कहा कि ऐसा ही होगा, पर ब्राह्मणों को प्रसन्न करना होगा। इसकी व्यवस्था वह स्वयं करेगा। मुनि ने ब्राह्मण भोज की योजना बनाई।


