अमृतसर| पंजाब के पूर्व डिप्टी स्पीकर और सांस्कृतिक इतिहास के प्रोफेसर दरबारी लाल ने भगवान वाल्मीकि जी के पावन प्रकटोत्सव के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि विश्व के प्रथम आदिकवि थे, जिन्होंने 24 हज़ार संस्कृत श्लोकों से महाकाव्य रामायण की रचना की। वे एक महान चिंतक, प्रसिद्ध विद्वान, और प्रख्यात दार्शनिक थे। उन्होंने कहा रामायण ज्ञान के भंडार का सर्व श्रेष्ठ ग्रंथ है। प्रो. दरबारी लाल ने आगे बताया कि महर्षि वाल्मीकि ज्योतिष और खगोल विद्या के भी प्रकांड ज्ञानी थे।


