रांची | चिरौंदी वृंदावन कॉलोनी के सप्तदेव धाम मंदिर में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को भूपेंद्र महाराज ने कथा में सभी भक्तों के साथ भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। महाराज ने बताया कि भक्तों का कल्याण करने के लिए व दुष्टों का नाश व धर्म की स्थापना के लिए भगवान नारायण ही अनेक रूपों में समय-समय पर अवतार लेते रहें। भक्तों के बीच मधुर शिक्षा व आचरण देते रहे, ताकि जीव उन लीलाओं का अनुकरण, स्मरण व गान कर अनंत काल तक जीव का कल्याण करते रहें। महाराज ने ध्रुव चरित्र के माध्यम से शिक्षा दी। प्रभु प्राप्ति के लिए आयु की आवश्यकता नहीं, ध्रुव जैसी दृढ़ता विश्वास होना चाहिए। प्रह्लाद जी के चरित्र से सीख मिलता है कि किसी भी परिस्थिति में जीव को भक्ति नहीं छोड़नी चाहिए। श्रीराम जी से हमें यह सीखना चाहिए कि भाई को भाई के साथ कैसे रहना चाहिए। राम कथा जीना सिखाती है। अंत में बाल कृष्ण की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


