राम जलसेतु प्रोजेक्ट में चंबल नदी पर बनेगा 2.3 किमी लंबा एक्वाडक्ट, 2330 करोड़ रुपए लगेंगे

जयपुर | रामजल सेतु (संसोधित पीकेसी लिंक) प्रोजेक्ट में चंबल नदी पर 2.3 किलोमीटर लंबा एक्वाडक्ट बनाया जा रहा है। प्रोजेक्ट के पहले चरण के पैकेज-2 में 2330 करोड़ रुपए की लागत से यह एक्वाडक्ट तैयार किया जा रहा है। इसका काम जून 2028 तक पूरा होगा। यह चंबल एक्वाडक्ट एक छोर में कोटा जिले की दीगोद तहसील के पीपलदा समेल गांव और दूसरे छोर में बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील के गोहाटा गांव से जुड़ेगा। इसके जरिए कालीसिंध पर बने नवनेरा बैराज से पानी पम्प हाउस से लिफ्ट कर मेज नदी में छोड़ा जाएगा। इसके बाद मैज बैराज से पम्प हाउस व फीडर के जरिए गलवा बांध तक और वहां से बीसलपुर और ईसरदा बांध में पहुंचाया जाएगा। इस एक्वाडक्ट के बनने से आमजन को आवागमन के लिए अतिरिक्त मार्ग भी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश के बाद जल संसाधन विभाग ने राम जलसेतु लिंक परियोजना मिशन मोड पर आगे बढ़ रही है। केंद्र-मध्यप्रदेश से समन्वय भजनलाल सरकार के गठन के तुरंत बाद मध्यप्रदेश सरकार से संवाद के बाद ईआरसीपी पर सहमति बनी। जनवरी 2024 में परियोजना का एमओयू किया। इसके बाद 17 दिसंबर 2024 को जयपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में राजस्थान, मध्य प्रदेश व केंद्र सरकार के बीच एमओयू हुआ। चंबल एक्वाडक्ट की तकनीकी खासियत {कुल लंबाई : 2280 मीटर {आंतरिक चौड़ाई : 41.25 मी. {ऊंचाई : 7.7 मीटर {कार्य प्रारंभ : मई 2025 पीकेसी से 17 जिलों को मिलेगा फायदा ईआरसीपी को वृहद स्वरूप देते हुए राम जलसेतु लिंक परियोजना (संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना) (करीब 90 हजार करोड़ रुपए) तैयार की गई है। परियोजना के प्रथम चरण में राज्य के 17 जिलों की लगभग 3 करोड़ 25 लाख आबादी को पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही सिंचाई एवं उद्योगों के लिए भी जल उपलब्ध होगा। इससे प्रदेश के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी। चंबल एक्वाडक्ट में यह काम पूरा हो चुका निर्माण स्थल पर कैंप एवं बैचिंग प्लांट का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। एक्वाडक्ट के लिए 15 टेस्ट पाइल में से 8 टेस्ट पाइल का कार्य पूर्ण हो चुका है। कुल 5060 वर्किंग पाइल प्रस्तावित हैं। जिनमें से लगभग 860 पाइल का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। रोजाना 15-20 पाइल का कार्य 12 रिग मशीनों से किया जा रहा है। औसतन 500 क्यूबिक मीटर कंक्रीट कार्य प्रतिदिन किया जा रहा है। साइट पर लगातार शिफ्टों में कार्य जारी है।

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