लुधियाना| विकास नगर स्थित श्री गीता माता मंदिर में राम शरणम् सत्संग हुआ। इसमें संत अश्वनी बेदी ने कहा कि राम नाम का जाप और माता-पिता की सेवा जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है। संत बेदी ने भगवान श्री राम के जीवन से सीख लेने की प्रेरणा देते हुए कहा कि श्री राम ने पिता की आज्ञा का सम्मान करते हुए चौदह वर्ष का वनवास सहजता से स्वीकार किया। यह प्रसंग दर्शाता है कि माता-पिता की सेवा सर्वोच्च धर्म है और जैसा कर्म करेंगे, वैसा ही फल प्राप्त होगा। सत्संग में ममता आशु ने गुरु मां को चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रेरणा साही, नीरज ढांड, दीपाली सहगल और तेजिंदर पासी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे। महिला संकीर्तन मंडली की ओर से रमेश सलूजा, रमा ढल, संयोगिता छाबड़ा, पिंकी उप्पल, नीलम जैन, ममता, टीना गोयल और आदर्श अरोड़ा ने भी गुरु मां का सम्मान किया।


