भास्कर न्यूज | जालंधर गुलमोहर सिटी स्थित मां बगलामुखी धाम में भक्तों की ओर से श्री शनि देव महाराज जी के निमित्त हवन करवाया गया। सर्वप्रथम ब्राह्मणों ने मुख्य यजमान राकेश प्रभाकर से विधिवत वैदिक रीति के अनुसार पूजन करवाया। सिद्ध मां बगलामुखी धाम के प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज ने कहा कि आध्यात्मिक साधना में नाम-स्मरण को सबसे सरल और प्रभावी मार्ग माना गया है। ‘राम’ नाम का जप ध्यान, एकाग्रता और आत्मशुद्धि का माध्यम बनता है। योग और भक्ति परंपरा से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित नाम-स्मरण से मन की चंचलता कम होती है, सकारात्मक भाव बढ़ते हैं और व्यक्ति में धैर्य तथा करुणा का विकास होता है। नवजीत भारद्वाज ने कहा कि जीवन का अंतिम लक्ष्य सत्य, धर्म और मानवता के मार्ग पर चलना राम के आदर्शों में समाहित है। मर्यादा, न्याय, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा जैसे गुण राम को साध्य के रूप में स्थापित करते हैं। सामाजिक विचारकों का कहना है कि यदि व्यक्ति अपने आचरण में इन मूल्यों को उतार ले, तो व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में संतुलन स्वत: आ जाता है। उन्होंने कहा कि राम नाम ही साधना, साध्य और समाधान तीनों हैं। उन्होंने कहा कि राम नाम भारतीय चेतना का वह केंद्र है, जहां साधना, साध्य और समाधान एकसाथ मिलते हैं। यह न केवल आस्था का विषय है, बल्कि जीवन को बेहतर दिशा देने वाला व्यावहारिक दर्शन भी है। यहां श्वेता भारद्वाज, सरोज बाला, अमरेंद्र कुमार शर्मा, मुनीष मेहरा, अजीत कुमार, नरिंदर, रोहित भाटिया, बावा जोशी, राकेश शर्मा, अमरेंद्र सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।


