रायगढ़ में ट्रेड युनियन के सदस्यों ने जताया विरोध:4 श्रमिक कानून को वापस लेने की मांग, बोले- मजदूरों के अधिकारों को छिनने का प्रयास

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में ट्रेड युनियन के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत आज युनियन के सदस्यों ने गेट मिटिंग किया। जिसमंे कोल इंडिया में काम करने वाले संगठन के सदस्यों ने मजदूर विरोधी 4 श्रम कानून के लागू किए जाने को लेकर विरोध जताया। इसके लिए सदस्यों ने जमकर नारेबाजी करते हुए इस नियम को वापस लेने की मांग की। सोमवार को एसईसीएल के छाल खदान के पास इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस के सदस्यों ने अपना विरोध जताया। उन्होंने बताया कि यह चारों लेबर कोड लागू करने की घोषणा मजदूरों के अधिकारों को छीनकर उन्हें पूरी तरह से मालिकों या प्रबंधन का गुलाम बनाने की साजिश है। उन्होंने बताया कि यह लेबर कोड मालिकों के दबाब में लाया गया है। आधौगिक संबंधों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा और औद्योगिक अशांति पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा स्थायी नौकरी के बदले केवल फिक्स टर्म एम्प्लायमेंट दिया जाएगा। इससे मालिक जब चाहेगा मजदूरों को नौकरी से बाहर निकाल देगा। शिफ्ट का समय 8 घंटा से बढाकर 12 घंटा किया जा सकता है। कोल इंडिया का निजीकरण एमडीओ रेवेन्यु शेयरिंग और तेजी से होने की बात कही है।
ट्रेड यूनियनों का रजिस्ट्रेशन समाप्त हो सकता है
सदस्यों ने बताया कि वर्तमान वेतन और अन्य सुविधाओं में कटौती शुरु हो जाएगी। जमीन के बदले नौकरी, पुनर्वास के प्रावधान को समाप्त किया जा सकता है। इस नियम के लागू होने से नये ट्रेड यूनियन का गठन करना कठिन हो जाएगा और किसी भी बहाने वर्तमान ट्रेड यूनियनों का रजिस्ट्रेशन कभी भी समाप्त किया जा सकता है। इस तरह से कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिसके कारण आज विरोध जताया गया।
3 दिन बाद खदाने बंदकर हड़ताल करेंगे
इस संबंध में इंटक के क्षेत्रिय अध्यक्ष डीएल ग्वालवंशी ने बताया कि 4 श्रमिक कानून के लागू होने से कई तरह की समस्याएं सामने आ जाएगी। मजदूरों के अधिकारों को छिनने का प्रयास है। ऐसे में आज विरोध जताया गया और गुरूवार यानि 12 फरवरी को एसईसीएल की खदाने बंद कर 1 दिवसीय हड़ताल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 4 श्रमिक कानून को वापस लेने की मांग है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *