छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में फ्लाई एश डंप करने को लेकर घोटाला सामने आया है। दरअसल, NTPC से निकली फ्लाई एश लोडेड गाड़ियां, जो रायपुर के भारतमाला सड़क परियोजना और बलौदाबाजार के लिए भेजी गई थीं, लेकिन उन्हें रायगढ़ के कलमी गांव में डंप करने की कोशिश की जा रही थी। ये मामला उस समय पकड़ में आया जब रविवार सुबह करीब 8:30 बजे पर्यावरण विभाग को इसकी सूचना मिली। विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और 6 गाड़ियां मौके पर पकड़ ली, जबकि बाकी गाड़ियां भाग निकली। जांच में पता चला कि यह फ्लाई एश जिंदल कंपनी की जमीन में डंप की जा रही थी। जबकि इसका इस्तेमाल रायपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए और बलौदाबाजार में होना था। पर्यावरण विभाग ने मामले की जांच के बाद NTPC पर 4 लाख 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया और सभी गाड़ियों को प्लांट वापस भेजने का आदेश दिया। वहीं दूसरी ओर यह बात भी सामने आ रही है कि इस तरह फ्लाई एश को लेकर जमकर घोटाला किया जा रहा है। जीपीएस को हैककर कहीं भी फ्लाई एश डंप कर दिया जा रहा है। इन गाड़ियों को मौके से पकड़ा गया
बताया जा रहा है कि करीब 12-13 गाड़ियों के फ्लाई एश को डंप करने की तैयारी थी। जब इसकी शिकायत हुई तो कुछ गाड़ियां मौके से फरार हो गईं, जबकि 6 गाड़ियों को वहीं पर पकड़ लिया गया। इसमें इन नंबरों CG 13 AU 2301, CG 13 BD 8909, CG 13 AW 1384, CG 13 AV 2302, CG 13 AW 1386, CG 13 AU 2299 की गाड़ियों को पकड़ा गया है। भाड़ा बचाने का खेल
एक ट्रासंपोर्टर ने बताया कि फ्लाई एश गाड़ियों को अगर रायगढ़ से रायपुर ले जाया जाता है, तो उसमें 30 हजार से अधिक का खर्च आता है। ऐसे में अगर इसे रास्ते में किसी अन्य जगह पर डंप कर दिया जाता है, तो वह खर्चा बच जाता है। जिसके कारण फ्लाई एश डंप को लेकर भाड़ा बचाने का खेल चल रहा है। सांठगांठ के बिना कुछ संभव नहीं
जनचेतना मंच के समन्वयक राजेश त्रिपाठी का आरोप है कि फ्लाई एश के इस घोटाले में कपंनी के अधिकारी भी शामिल होंगे। उनका कहना है कि एनटीपीसी से कलमी तक महज 15-20 लीटर ही खर्च होता और रायपुर तक पूरा भाड़ा इनका बच जाता। ये जीपीएस सिस्टम को हैककर इस तरह से गड़बड़ी कर रहे हैं। ट्रांसपोर्टर-ठेकेदारों से कंपनी अधिकारी कमीशन ले रहे हैं और बिना किसी अधिकारी के यह संभव नहीं हो सकता। ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा
फ्लाई एश ट्रांसपोर्टर यूनियन के अध्यक्ष विलिस गुप्ता का कहना है कि अगर ऐसा हो रहा है, तो बहुत गलत है। फ्लाई एश निर्धारित स्थान पर ही डंप करना है। इसे लेकर यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ चर्चा की जाएगी और इस तरह कोई गलत करते पाया जाता है तो उसे यूनियन से ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। मौके पर 6 गाड़िया मिली
पर्यावरण अधिकारी अंकुर साहू ने बताया कि कलमी में अवैध रूप से फ्लाई एश डंप के लिए गाड़ियां खड़ी थी। जिसकी शिकायत मिलने पर हमारी टीम वहां गई। जहां मौके पर एनटीपीसी की 6 गाड़ियां मिली। फ्लाई एश डंप करने की तैयारी थी उससे पहले हमारी टीम पहुंच गई। सभी वाहनों को एनटीपीसी वापस ले जाने कहा गया और एनटीपीसी प्रबंधन पर 4 लाख 5 हजार का जुर्माना लगाया गया है। गाड़ियां रायपुर भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए आरंग का वर्क आर्डर है। जिंदल की जमीन थी और उन्हीं की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।


