छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में पिछले दिनों मंगल कार्बन प्लांट में बड़ा हादसा हो गया था। जिसमें आग की चपेट में आकर 9 माह की बच्ची समेत 7 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। घटना बाद उन्हें ईलाज के लिए रायपुर के काल्दा बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर ईलाज के लिए रेफर किया गया था। जहां सोमवार की शाम को ईलाज के दौरान 9 माह की बच्ची की मौत हो गई। घायलों के परिजनों ने बताया कि इस घटना में एक 1 ही परिवार के 4 लोग झुलसे थे। जिसमें साहेब लाल खड़िया 80-90 प्रतिशत, उसका बेटा शिव खड़िया 80-90 प्रतिशत, शिव की पत्नी उदासिनी खड़िया 30-40 प्रतिशत और उनकी 9 माह की बेटी भूमि खड़िया 80-90 प्रतिशत झुलसी थी। जिसमें आज शाम उसकी मृत्यु हो गई। वहीं अन्य घायलों में कौशल 70-80 प्रतिशत, इंदीवर 80-90 प्रतिशत और प्रिया 70-80 प्रतिशत झुलसे हुए हैं। जिनका ईलाज जारी है और अभी कई मजदूरों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
FIR वापस लेने का दबाव
परिजनों ने बताया कि इस घटना के बाद मामले में FIR दर्ज कराया गया। जिसमें प्लांट प्रबंधन के खरसिया खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज किया और अब प्लांट प्रबंधन द्वारा परिजनों पर FIR वापस लेने व बयान बदलने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
परिजनों कर रहे जांच और मुआवजा की मांग
वहीं पीड़ित के परिजनों का कहना है कि मामले में मृत बच्ची के परिजनों को तत्काल उचित मुआवजा एवं आर्थिक सहायता राशि दिया जाए। इसके अलावा सभी घायलों के ईलाज का पूरा खर्च प्लांट प्रबंधन से वसूल किया जाए। FIR वापस लेने एवं बयान बदलने के दबाव की निष्पक्ष जांच की जाए। साथ दोषी प्लांट प्रबंधन व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किया जाए।
जानिए क्या था मामला
5 फरवरी को खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर के मंगल कार्बन प्लांट में काम चल रहा था। जहां फर्नेस को खोलने के बाद आग का तेज प्रेशर निकला और उसकी चपेट में आकर साहेबलाल खड़िया, शिव, उदासिनी खड़िया, भूमि खड़िया, कौशल पटेल, इंदीवर और प्रिया सारथी झुलस गए थे। जिसके बाद उन्हें ईलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था। जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया था। इस प्लांट मंे पुराने टायर को फर्नेस मे पिघलाकर गरम काला तेल निकाला जाता है। इस प्रक्रिया मे फर्नेस काफी गरम रहता है आग निकलते रहता है। फर्नेस को बिना ठण्डा हुए व बिना सुरक्षा उपकरण के खोलवाया गया था। जिससे घटना घटित हुई थी।


