रायगढ़ में वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार शाम कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर–गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हाथों में मोमबत्तियां लिए हुए थे। आने वाले दिनों में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मतदाता सूचियों में भारी गड़बड़ी के खुलासे के बाद कांग्रेस ने देशव्यापी ‘वोट चोर–गद्दी छोड़’ नाम से चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी से कैंडल मार्च की शुरुआत हुई, जो बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ चौक होते हुए महात्मा गांधी चौक पर समाप्त हुआ। भाजपा आदिवासी विरोधी पार्टी- उमेश पटेल कैंडल मार्च में संबोधित करते हुए उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री वोट चुराकर सत्ता में आए हैं। यदि यह वोट चोरी नहीं होती, तो आज देश में यूपीए की सरकार होती। उन्होंने कहा कि आदिवासी दिवस के दिन विष्णुदेव साय को अध्यक्ष पद से हटाना और आदिवासी नेता रवि भगत को महज एक सप्ताह बाद पद से हटाना भाजपा की आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उमेश पटेल के मुताबिक, भाजपा सरकार में आदिवासी क्षेत्रों की उपेक्षा हो रही है और यह घटनाक्रम साफ संकेत देता है कि भाजपा आदिवासी विरोधी पार्टी है। ये रहे मौजूद इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री व खरसिया विधायक उमेश पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष अनिल शुक्ला, ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी, पूर्व महापौर जानकी काटजू, वरिष्ठ नेता संतोष राय अग्रवाल, पीसीसी प्रवक्ता हरेराम तिवारी, अरुण गुप्ता, अनिल अग्रवाल चीकू, जयंत ठेठवार, जिला कांग्रेस महामंत्री शाखा यादव, आरिफ हुसैन, संदीप अग्रवाल, आशीष जयसवाल, ग्रामीण प्रवक्ता दीपक मंडल समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए।


