रायपुरा की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेज-2 के पास ट्रंक रखकर युवक की सड़ी हुई लाश सोमवार की सुबह ही फेंकी गई है। दोपहर बाद से पूरे इलाके में लाश की गंध इतनी फैल रही थी कि शाम होते-होते लोग झाड़ियों में देखने पहुंच गए। वहां ट्रंक देखकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जब ट्रंक खुलवाया तो लाश सूटकेस में ठूंसी हुई मिली। सूटकेस में सीमेंट का प्लास्टर था। फोरेंसिक एक्सपर्ट के अनुसार सीमेंट का मोटा प्लास्टर करने से लाश सड़ने पर दुर्गंध नहीं उठती। हत्यारों ने इसी वजह से कत्ल के बाद युवक की लाश को ट्रंक में ठूंसा फिर उसमें सीमेंट का प्लास्टर किया। उसे बाद चेन लगाकर सूटकेस बंद किया। फिर भी जब दुर्गंध उठने लगी तो पकड़े जाने के डर से सूटकेस को ट्रंक में रखकर उसे इंद्रप्रस्थ के सूनसान इलाके में फेंक दिया। यह कार कॉलोनी से सुबह 9.50 बजे निकली। इसमें दो लोग सवार दिख रहे हैं। करीब ही एक ईवी सवार भी संदिग्ध है। जिस अल्टो कार में लाश ले जाई गई, वह सेंट्रो का नंबर है। यह नंबर विजय भूषण के नाम पर दर्ज है। रजिस्ट्रेशन 20 साल पुराना है। मृतक की पहचान नहीं हुई है। झाड़ियों में जहां ट्रंक फेंका गया है वहां से करीब 100 मीटर दूर बस्ती है। बस्ती वालों का कहना है कि सुबह आते-जाते समय उन्हें हल्की दुर्गंध आ रही थी, लेकिन दोपहर बाद गंध काफी बढ़ गई। कुछ लोगों ने झाड़ियों की में ट्रंक देखा। शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की टीम ने ट्रंक खुलवाया तो उसमें लाश निकली। शव फूलकर सूटकेस के कुछ हिस्से को फाड़कर बाहर आ गया था। यूपी में भी हुई थी ऐसी ही हत्या उत्तर प्रदेश के मेरठ में इसी साल मार्च महीने में एक युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी थी। उन्होंने शव के टुकड़े कर उसे एक ड्रम में डालने के बाद उसमें सीमेंट का घोल भर दिया। लाश अंदर जम गई और लोगों को पता ना चले इसलिए आरोपी प|ी ने उसे अपने घर के अंदर ही छुपा दिया था। लाश को निकालने के लिए पुलिस को भी 2 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। गला काटा, हाथ-पांव बांधा और मोड़कर सूटकेस में डाला शव हालांकि बुरी तरह सड़ चुका है लेकिन प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक का गला कटा हुआ है। गले को किसी धारदार हथियार से काटने का अनुमान है। सूटकेस में ठूंसने के लिए उसे पूरी तरह से मोड़ा गया था। उसके हाथ-पांव को शरीर में जोड़कर बांधा गया था। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। साथ ही रायपुर और सरहदी जिलों के लापता युवकों की सूची से शव की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के बाद से ही इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के आस-पास दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं। पुलिस से गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। सुबह 9.30 बजे कार में ट्रंक लोड कर ले गए थे हत्यारे, ईवी सवार भी संदिग्ध पुलिस को इंद्रप्रस्थ कालोनी का सीसीटीवी फुटेज मिला है। इसमें ट्रंक एक पुरानी अल्टो कार में रखकर लाया जा रहा है। फुटेज के अनुसार हत्यारे सुबह करीब 9.30 बजे ट्रंक फेंकने आए थे। कार की पिछली नंबर प्लेट टूटी हुई है लेकिन सामने की नंबर प्लेट में सीजी 04 बी- 7700 लिखा है। जांच में पता चला है कि ये नंबर प्लेट 2005 की किसी सेंट्रो कार का है। यानी हत्यारों ने कार की नंबर प्लेट बदल दी थी। सीसीटीवी फुटेज को पुलिस के लिए अहम सुराग माना जा रहा है। इधर, 18 को सिविल लाइन से लापता हुए थे दोनों मां-बेटे, अम्लेश्वर में मिली लाश अमलेश्वर थाना क्षेत्र के खम्हरिया गांव के दो अलग-अलग कुओं में रविवार को महिला और बच्चे की लाश मिली। दोनों को मारकर बोरे में बांधकर अलग-अलग कुएं में फेंक दिया। ग्रामीणों की सूचना पर अमलेश्वर पुलिस पहुंची और दोनों के शवों को बाहर निकाला। मृतका सुनीता चतुर्वेदी (32 वर्ष ) और बालक काव्यांश चतुर्वेदी (8 वर्ष ) न्यू राजेन्द्र नगर, रायपुर में रहते थे। सुनीता चतुर्वेदी रायपुर में एक प्राइवेट स्कूल में टीचर थी। पति की मौत के बाद अपने माता-पिता के घर में रहती थी। दो साल पहले उसकी खम्हरिया निवासी छत्रपाल सिंगौर से इंस्ट्राग्राम के जरिए दोस्ती हुई। आरोपी ने उसके बेटे को अपनाकर शादी का झांसा दिया। इसके बाद उसके साथ संबंध बनाने लगा। करीब डेढ़ महीने पहले छत्रपाल ने घरवालों ने उसकी शादी करा दी। जानकारी लगने के बाद से सुनीता लगातार छत्रपाल से शादी का दबाव बनाने लगी। शादी नहीं करने पर उसके घर आने को धमकी देने लगी। जिसके बाद छत्रपाल ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर मृतका को रास्ते से हटाने को योजना बनाई और दोनों का मर्डर कर दिया।


