रायपुर के निजी इस्पात कंपनी से 3 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी की शिकायत पर तिल्दा नेवरा थाना पुलिस ने ओडिशा के आयरन ओर माइंस कंपनी के संचालक के खिलाफ FIR दर्ज की है। बजरंग पावर इस्पात कंपनी के डायरेक्ट प्रदीप तिवारी की ओर से ओडिशा के सुलेपत आयरन ओर माइंस को 25000 मैट्रिक टन लोह अयस्क सप्लाई करने का कऑर्डर दिया गया था। लेकिन माइंस के मालिक बिराट चन्द्र डागरा के द्वारा आयरन ओर की पूर्ति नहीं की गई और ना ही दिया गया एडवांस पेमेंट वापस किया जा रहा है। जिसके बाद कंपनी के की शिकायत पर FIR की गई है। एक साल पहले दिया गया था ऑर्डर कंपनी के डायरेक्टर ने अपनी लिखित शिकायत में बताया कि सुलेपत आयरन ओर माइंस ने 5100 रुपए प्रति मैट्रिक टन का रेट से 25000 मैट्रिक टन आइरन ओर देने के लिए सहमति बनी थी। इसके लिए दोनों ही कंपनी की जरुरी कागजी कार्रवाई की गई। माइंस के मालिक बिराट चन्द्र ने लौह अयस्क सप्लाई के लिए डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माईन्स सर्कल की ओ एक सहमति पत्र भी 14 फरवरी 2023 को भेजी गया था। लेकिन जो सहमति पत्र बजरंग इस्पात को भेजा गया उसमें किसी प्रकार का बिल अटैच नहीं था। कंपनी को इस बात का संदेह हुआ तब बिराट चन्द्र डागरा के आश्वास्त किया और गारंटी दी कि संबंधित प्राधिकारी को जरुरी दस्तावेज दिए गये है और वह जल्द आयरन ओर भेजेगा। बजरंग इस्पात के द्वारा 17 फरवरी 2023 को भुनेश्वर ओडिशा स्थित सुलेपत आयरन ओर माइंस के खाते में तीन करोड नब्बे हजार रुपए की राशि का भुगतान किया और ट्रांजेक्शन होने के बाद माइंस के मालिक को वॉटसएप मैसेज के जरिए जानकारी भी दी गई थी। लगातार देता रहा आश्वसन एडवांस पेमेंट के भुगतान के बाद जब माइंस के मालिक बिराट चन्द्र डागरा को कंपनी लगातक आर्डर की सप्लाई करने के लिए कहती तो वह जल्द आर्डर भेजने का आश्वान देता। लंबे समय बाद आयरन ओर की सप्लाई नहीं करने पर जब बजरंग इस्पात की ओर कॉल मैसेज किया जाता तो वह जानबूझकर जवाब नहीं देता था। जब उससे एडवांस के तीन करोड़ नब्बे हजार रुपए मांगे गए तो उसने जवाब देना बन्द कर दिया। जिसके बाद तिल्दा नेवरा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।


