रायपुर निवासी कारोबारी और उसके जीजा को तंजानिया निवासी आरोपियों ने सोना खदान में पार्टनर बनाने का झांसा देकर 1 करोड़ 90 लाख की ठगी कर ली। कारोबारी की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करके जांच में लिया है। पीड़ित कारोबारी का नाम पुलिस द्वारा समर्थ बरडिया और मुकुल चोपड़ा और आरोपियों का नाम यश शाह, अब्दल्लाह किलियावापे न्वुजे बताया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ जांच पुलिस कर रही है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला रायपुर निवासी कारोबारी समर्थ बरडिया ने पुलिस को बताया, कि वो सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोती बाग इलाके में रहता है। 2024 में ऑनलाइन यश शाह नाम के व्यक्ति ने उससे संपर्क किया था। यश शाह ने खुद को खुद को तंजानिया स्थित सोना खदान का संचालक बताया। खदान में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी का ऑफर देकर 1 करोड़ 90 लाख रुपए निवेश कराए। मार्च 2024 में यश शाह रायपुर आया और उन्होंने समर्थ बरडिया एवं मुकुल चोपड़ा को तंजानिया ले जाकर खदान दिखाई। यश शाह ने एसकेएम बुलियन ट्रेडिंग लिमिटेड नामक फर्म के माध्यम से उन्हें खदान में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी दिलाने का प्रस्ताव रखा। विश्वास दिलाकर उन्होंने 1 करोड़ 6 लाख रुपए अपने बैंक अकाउंट एवं फर्म के खाते में जमा कराए। इस दौरान यश शाह ने खदान का परिचालन, तंजानिया में खनन अधिकार और निवेश राशि का विवरण झूठे दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया। निवेश राशि जमा होने के बाद यश शाह का व्यवहार बदल गया और फर्म के संचालन संबंधी जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। समर्थ बरडिया और उनके जीजा ने जब जांच की तो पता चला कि यश शाह के पास किसी भी खदान में खनन अधिकार नहीं है और उन्होंने झूठे दस्तावेज तैयार कर ठगी की। बरडिया ने अपनी शिकायत में कहा कि यश शाह ने जानबूझकर षड्यंत्र रचकर धोखाधड़ी और जालसाजी की, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यश शाह ने फर्जी भागीदारी एग्रीमेंट और दस्तावेजों के माध्यम से उन्हें ठगा। अब पढ़े पुलिस ने क्या कहा सिविल लाइन निरीक्षक दीपक पासवान ने बताया, कि कारोबारी समर्थ बरडिया की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी यश शाह और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और मामले में संबंधित दस्तावेजों और बैंक ट्रांजैक्शन की पड़ताल कर रही है।


