11 बीघा-जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश, सिर्फ स्कूल सील:कोर्ट के निर्देश पर जेडीए की ‘अधूरी’ कार्रवाई; शिक्षा मंत्री के ‘कान पकड़ने’ से जुड़ा विवाद

जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने अरबों रुपए की 11 बीघा सरकारी जमीन के एक हिस्से में बनी स्कूल पर कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की। जेडीए को 11 बीघा जमीन पर फैले अतिक्रमण को हटाना था। जेडीए ने गंगाणा रोड स्थित ग्राम चौखा में ‘ब्ल्यू हेवन पब्लिक स्कूल’ को बुधवार को सील की कार्रवाई की। मामले में दायर जनहित याचिका के दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि जमीन पर स्कूल के अलावा मदरसा और हॉस्टल भी शामिल हैं, लेकिन जेडीए ने केवल स्कूल सील की। हाईकोर्ट ने हाल ही इस जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। जेडीए कमिश्नर की कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी की नौबत से बचने के लिए आनन-फानन में यह कार्रवाई की। वहीं इसी ‘ब्ल्यू हेवन पब्लिक स्कूल’ मामले में एक भाजपा नेता पिछले दिनों शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से मिलने और तब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का भाजपा नेता से कान पकड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हुआ था। हालांकि, दोनों ने ही इससे कोई कनेक्शन होने से इनकार किया था। 11 बीघा जमीन पर मदरसा, स्कूल और चारदीवारी का अवैध कब्जा
यह पूरा विवाद ग्राम चौखा के खसरा संख्या 699 से जुड़ा है। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक करीब 11 बीघा (1.7725 हेक्टेयर) जमीन जेडीए के स्वामित्व की है। इस जमीन पर ‘डॉ. अब्दुल वहीद कोटा मेमोरियल दारूल उलूम अहले हदीस’ संस्था द्वारा मदरसा, स्कूल और चारदीवारी बनाकर अवैध कब्जा किया गया था। जेडीए की ट्रिब्यूनल कोर्ट (प्राधिकृत अधिकारी) ने 18 जून 2025 को आदेश में स्पष्ट कर दिया था कि यह पूरा निर्माण अवैध है। इसे 3 दिन में हटाया जाए। अन्यथा जेडीए इसे हटाएगा। इसके बावजूद कार्रवाई केवल स्कूल भवन तक सीमित रही। शिक्षा मंत्री ने कान पकड़कर कहा था- यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं
जेडीए की कार्रवाई की जद में आया ‘ब्ल्यू हेवन पब्लिक स्कूल’ पिछले 10 दिनों से राजस्थान की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से भाजपा के देहात उत्तर के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोहर पालीवाल स्कूल की मान्यता बहाल करने के लिए 11 जनवरी को जोधपुर सर्किट हाउस में पहुंचे थे। इस पर मंत्री दिलावर उनके सामने हाथ जोड़ते और कान पकड़ते नजर आए थे। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हुआ था। बाद में दोनों ने स्कूल के विवाद से पल्ला झाड़ लिया था। पालीवाल इसी स्कूल की रद्द हुई मान्यता को बहाल करवाने की सिफारिश लेकर मंत्री के पास पहुंचे थे। तब मंत्री ने कहा था कि यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। जानकारों का कहना है कि अदालती दबाव और ‘कंटेम्प्ट’ (अवमानना) से बचने के लिए जेडीए ने बुधवार को स्कूल सील करने की कार्रवाई की। जबकि मुख्य अतिक्रमण (मदरसा व हॉस्टल) पर अब भी कोई एक्शन नहीं लिया गया। कोर्ट से नहीं मिली राहत: नहीं मिला 19 जनवरी को स्टे
जेडीए की कार्रवाई और शिक्षा विभाग के फैसलों के खिलाफ स्कूल संचालन संस्था को कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिल पाई है। मान्यता रद्द: जेडीए की कार्रवाई से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने भी इस अवैध निर्माण पर शिकंजा कस दिया था। विभाग के शासन उप सचिव राजेश दत्त माथुर द्वारा 8 जनवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार ‘ब्ल्यू हेवन पब्लिक स्कूल’ की मान्यता वापस ले ली गई। विभाग ने यह कदम 4 जनवरी 2026 को मिले जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया। नई याचिका पर सुनवाई: संस्था ने मान्यता रद्द करने और जेडीए की संभावित कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में नई याचिका दायर की। इस पर 19 जनवरी 2026 को जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस पर कोई भी अंतरिम राहत (स्टे) देने के बजाय इसे जेडीए के अतिक्रमण मामले वाली पुरानी याचिका के साथ सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। पुराना स्टे भी खारिज: इससे पहले जेडीए द्वारा 18 जून 2025 को जारी अतिक्रमण हटाने के आदेश के खिलाफ दायर स्टे याचिका को हाईकोर्ट 5 दिसंबर 2025 को ही खारिज कर चुका है। कोर्ट ने कहा था कि मामला डिवीजन बेंच की निगरानी में है, इसलिए एकलपीठ दखल नहीं देगी। सवाल अब भी बरकरार
जेडीए के 18 जून 2025 के आदेश में मदरसा भवन और चारदीवारी को अतिक्रमण माना है। हाईकोर्ट में सरकार ने शपथ पत्र देकर कहा है कि वे पूरी प्रॉपर्टी को कब्जे में ले रहे हैं। लेकिन कार्रवाई में सिर्फ स्कूल पर कार्रवाई की गई।

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