सुकमा जिले में कोंटा ब्लॉक के कोंटा-एर्राबोर मार्ग पर डोंड्रा के पास सोमवार सुबह आईईडी विस्फोट हुआ, जिसके चपेट में आने से एडिशनल एसपी आकाश राव गिरिपूंजे शहीद हो गए। इसके अलावा कोंटा एसडीओपी भानुप्रताप चंद्राकर व थाना प्रभारी सोनल ग्वाला घायल हो गए हैं। दोनों घायल अफसरों को प्राथमिक इलाज के बाद एयरलिफ्ट कर रायपुर रेफर किया गया है। नक्सलियों ने लंबे अंतराल के बाद अपने सबसे पुराने, पहले घटना को अंजाम देने के बाद मौके पर पहुंचने वाले जवानों को एंबुश में फंसाने के पैटर्न को दोहराया है। जानकारी के अनुसार कोंटा ब्लॉक के डोंड्रा के पास नक्सलियों ने एक पोकलेन को आग के हवाले कर दिया था। इस घटना के बाद जांच व गश्त के लिए एएसपी गिरिपूंजे, एसडीओपी चंद्राकर व टीआई ग्वाला के साथ जवानों की पार्टी पहुंची। इसी दौरान नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट कर दिया, जिसकी चपेट में आकर एएसपी गिरिपूंजे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें कोंटा अस्पताल लाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांसें लीं। एएसपी की पार्थिव देह को रायपुर भेजा गया, जहां गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। आईईडी विस्फोट के बाद इस तरह से बड़ा गड्ढा हो गया अब तक शहीद बड़े अफसर जली पोकलेन की जांच करने गई थी टीम नक्सलियों ने रविवार की रात में पोकलेन पर आग लगाई थी, जिसकी जांच करने एएसपी आकाश अपनी टीम के साथ जा रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया। फायरिंग करते भागे नक्सली विस्फोट के बाद नक्सलियों ने 15-20 राउंड फायरिंग की। इस दौरान जवान जमीन पर लेट गए। फायरिंग के दौरान ही नक्सली भाग गए। आपबीती- आंखें बंद हो गईं, शरीर पर कंकड़-पत्थर गड़े थे: टीआई ग्वाला सूचना मिली थी कि कोंटा-गोलापल्ली मार्ग पर गिट्टी खदान में पोकलेन को नक्सलियों ने आग लगा दी है। हमने जांच के लिए जाने से पहले मुखबिर को भी वहां भेजा, उसके बाद कुछ जवान गए, जिन्हें वहां नक्सल पर्चा मिला। इस दौरान नक्सलियों ने किसी को कुछ नहीं किया। एएसपी आकाश सर के साथ मैं, एसडीओपी सर और हमारी टीम वहां पहुंची। सड़क में गाड़ी छोड़ हम पोकलेन की ओर आगे पैदल ही जा रहे थे, तभी जोरदार ब्लास्ट हुआ। मेरी आंखें बंद हो गईं। कुछ पल के लिए कुछ समझ नहीं आया क्या हुआ। मैं उठने की हालत में नहीं था, लग रहा था कि मेरे पैर में ही आईईडी फटी है। आईईडी का लोहा मेरे हाथ में और शरीर पर कंकड़-पत्थर गड़े थे। शरीर में दर्द हो रहा था, इसलिए मैं उठ भी नहीं पा रहा था। फिर फायरिंग की आवाज सुनाई देने लगी। कुछ देर बाद सब शांत हुआ। इसके बाद मुझे अस्पताल ले जाया गया। यहीं पता चला कि आकाश सर नहीं रहे। -जैसा कि घायल टीआई सोनल ग्वाला ने भास्कर के अखिल शर्मा को बताया। 42 साल के आकाश को मिल चुका है पुलिस वीरता मेडल रायपुर जिले के निवासी 42 वर्षीय आकाश राव गिरिपूंजे 2013 बैच के सीधी भर्ती से डीएसपी के पद पर चयनित हुए थे। 2024 से वे बतौर कोंटा एएसपी अपनी सेवाएं दे रहे थे। आकाश गिरिपूंजे को साल 2019-20 में पुलिस वीरता मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है। शहीद के घर पहुंचे सीएम साय, परिजन से मिले सीएम विष्णुदेव साय शहीद एएसपी आकाश राव गिरिपूंजे के रायपुर स्थित निवास पहुंचे और परिजन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम ने कहा कि शहीद आकाश राव ने अपने कर्तव्य के प्रति अदम्य साहस, निष्ठा और समर्पण दिखाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। हमें उन पर गर्व है। सरकार इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ी है।


