राज्य में पुलिस कमिश्नर प्रणाली 23 जनवरी से रायपुर में लागू होने वाली है। इस प्रणाली से विधानसभा, मंत्रालय, सरकार के बंगलों और तमाम प्रशासनिक कार्यालयों वाले नवा रायपुर को ही बाहर किया जा रहा है। इस मसले पर दैनिक भास्कर ने एक सर्वे किया। इसमें शामिल 90% लोगों का कहना है कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली में नवा रायपुर को भी शामिल कर पूरे रायपुर जिले में लागू की जानी चाहिए। एक ही जिले में दो तरह की पुलिसिंग होने से अपराध बढ़ेगा और आम लोगों को भी दिक्कत होगी। नवा रायपुर को देहात क्षेत्र में नहीं रखा जाए। भास्कर के सर्वे में शहर के 2310 लोग शामिल हुए। अधिकांश रायपुर में मजबूत पुलिस कमिश्नर प्रणाली चाहते हैं। टीम की सिफारिश को नजरअंदाज किया सरकार भोपाल के कमजोर कमिश्नर सिस्टम को लागू करने की तैयारी कर रही है। इसी को लेकर गृह विभाग खाका तैयार कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में कमिश्नरी और ग्रामीण इलाकों में देहात एसपी सिस्टम लागू किया जाएगा। जबकि एडीजी प्रदीप गुप्ता की कमेटी ने भुवनेश्वर पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को पूरे रायपुर जिले में लागू करने की सिफारिश की है। इसमें पुलिस को 22 अधिकार देने का प्रस्ताव भेजा गया है। गृह विभाग ने इस रिपोर्ट पर अब तक विचार नहीं किया है। शेष पेज 9 (रायपुर फ्रंट पेज भी पढ़ें) नवा रायपुर से सरकार का संचालन: नवा रायपुर से सरकार और शासन का संचालन होता है। वहां नया राजभवन, सीएम हाउस, मंत्री बंगले, विधायक निवास, सीएस-डीजीपी के बंगले भी हैं। मंत्रालय, सचिवालय से लेकर पीएचक्यू भी है। इसलिए नवा रायपुर को कमिश्नरेट सिस्टम में शामिल करना जरूरी है।


