दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तहत रायपुर को बड़ा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट मिलने जा रहा है। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और स्टेशन पर बढ़ते दबाव को देखते हुए नया रायपुर (केंद्री) में ऑप्शनल कोचिंग टर्मिनल विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया गया है। इससे रायपुर स्टेशन की भीड़ कम होगी और आने वाले सालों में नई ट्रेनों की शुरुआत संभव हो सकेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, “देश के प्रमुख शहरों में यात्रियों की मांग को देखते हुए कोचिंग टर्मिनलों का विस्तार जरूरी है। इससे नेटवर्क मजबूत होगा और कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आएगा।” रायपुर क्यों है प्राथमिकता में? रायपुर बिलासपुर-नागपुर रेलखंड पर स्थित एक अहम रेल जंक्शन है। यहां से प्रतिदिन 122 कोचिंग ट्रेनें संचालित होती हैं। इनमें – इसी दबाव को कम करने के लिए रेलवे ने नया रायपुर (केंद्री) को भविष्य के कोचिंग हब के रूप में चुना है। नया रायपुर (केंद्री) में क्या बनेगा? प्रस्तावित वैकल्पिक कोचिंग टर्मिनल में आधुनिक सुविधाएं होंगी- इससे रायपुर क्षेत्र की कोचिंग क्षमता में बड़ा इजाफा होगा और नई ट्रेन सेवाओं का संचालन आसान बनेगा। रायपुर रेलखंड में क्षमता बढ़ाने के बड़े काम बिलासपुर-नागपुर सेक्शन (रायपुर सहित) में कई अहम परियोजनाएं चल रही हैं। चौथी रेल लाइन का काम प्रगति पर है। ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है। खरसिया-परमालकसा डबल लाइन निर्माण, जिससे नया रायपुर आगे के सेक्शन से और मजबूत जुड़ेगा। इनसे ट्रेनें ज्यादा तेज, सुरक्षित और समय पर चल सकेंगी। वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो बनेगा रायपुर संभाग को एक और बड़ी सौगात मिलेगी। दुर्ग में 50 करोड़ की लागत से वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो बनाया जाएगा। जहां हाई-स्पीड ट्रेनों का बेहतर रखरखाव होगा। इससे भविष्य में और वंदे भारत ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ होगा। 456 करोड़ से बदलेगा रायपुर स्टेशन का चेहरा रायपुर स्टेशन का वर्ल्ड क्लास री डेवलपमेंट किया जा रहा है। आधुनिक टर्मिनल डिजाइन, बेहतर सर्कुलेशन एरिया, यात्री सुविधाओं का समग्र उन्नयन, बेहतर पहुंच और यात्री प्रवाह प्रबंधन इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि ट्रेन संचालन क्षमता भी बढ़ेगी। कुल मिलाकर रायपुर को क्या फायदा? 2030 को ध्यान में रखकर रोड मैप तैयार 2030 की जरूरतों को ध्यान में रखकर रेलवे का यह रोडमैप रायपुर के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। नया रायपुर टर्मिनल, चौथी लाइन और स्टेशन री डेवलपमेंट मिलकर राजधानी को मध्य भारत का मजबूत रेल केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं।


