राजधानी रायपुर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर 74 वर्षीय रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर स्वपन सेन से सवा करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करवा ली। पीड़ित ने विधानसभा थाना में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने 55 लाख रुपए अकाउंट में होल्ड कराए और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला विधानसभा थाना क्षेत्र के स्वर्णभूमि निवासी पीड़ित डॉ. स्वपन कुमार सेन ने पुलिस को बताया, कि 31 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 12:15 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से वॉट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए एक एफआईआर भेजी और आरोप लगाया कि उनके क्रेडिट कार्ड से कई लोगों से धोखाधड़ी की गई है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगों ने उनसे बैंक खाते और एफडी की जानकारी मांगी, जिसे उन्होंने वॉट्सऐप पर भेज दिया। इसके बाद 3 जनवरी 2026 को ठगों ने उन्हें एक खाते में 34 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए भेजने को कहा। डर और दबाव में आकर उन्होंने बताई गई रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद 13 जनवरी को दूसरे खाते में 39 लाख रुपए भेजवाएं गए। ठग यहीं नहीं रुके और 16 जनवरी को तीसरे खाते में 55 लाख रुपए जमा करवाने को कहा, जिसके लिए पीड़ित ने अपनी एफडी तुड़वा दी। कुल मिलाकर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1 करोड़ 28 लाख रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। बाद में जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत विधानसभा थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बैंक और साइबर सेल की मदद से रकम होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने केस दर्ज करके पुलिस ने शुरू की जांच विधानसभा थाना प्रभारी ने बताया, कि पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की धमकी भरी कॉल या डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।


