मनरेगा मेटों को डेढ़ साल से भुगतान नहीं:पूर्व विधायक ने 9 गांवों में जनसंपर्क कर रोजगार की कमी पर चिंता जताई

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ‘मनरेगा बचाओ महाअभियान’ के तहत पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने दूसरे दिन भी जनसंपर्क जारी रखा। रविवार को उन्होंने शिवगंज ब्लॉक के नौ गांवों – जोयला, जोगापुरा, आल्पा, रोवाडा, मनादर, झाड़ोली वीर, कैलाशनगर, नारदरा और ओडा – का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर मनरेगा कानून को बचाने के लिए सहयोग की अपील की। जनसंपर्क के दौरान लोढ़ा ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा कानून को कमजोर कर रही है, जो रोजगार की गारंटी देता है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस कानून के तहत 100 दिन के रोजगार की गारंटी और मजदूरी न मिलने पर बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर एक नई योजना लागू की गई है, जिसमें काम का चयन और योजना का क्षेत्र दिल्ली से तय होता है, जबकि पहले यह निर्णय गांव स्तर पर लिया जाता था। लोढ़ा ने यह भी बताया कि पहले मनरेगा में मजदूरी का पूरा भुगतान केंद्र सरकार करती थी। अब केंद्र सरकार प्रति रुपए में केवल 60 पैसे का योगदान कर रही है, जिससे मनरेगा योजनाओं और रोजगार पर सीधा असर पड़ रहा है। लोढ़ा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में शिवगंज क्षेत्र की 11 पंचायतों में 50 से भी कम मजदूर कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, मनरेगा मेटों को पिछले डेढ़ साल से भुगतान नहीं मिला है, जिसके कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व विधायक ने ग्रामीणों से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी के संघर्ष में शामिल होने और मनरेगा कानून को बचाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने ग्रामीणों से इस अभियान को समर्थन देने की अपील की। जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों ने लोढ़ा का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अभियान में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण रावल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता लोढ़ा के साथ मौजूद थे।

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