रायपुर में पुलिस कांस्टेबलों की मिली डिजिटल ट्रेनिंग:साइबर ठगी से बचने और ऑनलाइन रिकॉर्ड मेंटेन का करेंगे काम, CRPF-BSF जवान भी होंगे शामिल

रायपुर के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) सड्डू में प्रोजेक्ट तेजस के तहत नव-नियुक्त आरक्षकों को कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को समापन हुआ। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण पूरा करने वाले आरक्षकों को प्रमाण-पत्र दिए गए। समापन समारोह में रायपुर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) अमित तुकाराम कांबले और एसीपी साइबर पुलिस एवं क्राइम स्मृतिक राजनाला मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने आरक्षकों के साथ-साथ प्रशिक्षण देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया। इस मौके पर संस्था के प्राचार्य नरेंद्र उपाध्याय को स्मृति-चिह्न भेंट किया गया।
साइबर सुरक्षा को पुलिसिंग का जरूरी हिस्सा DIG अमित तुकाराम कांबले ने कहा कि आज के समय में पुलिसकर्मियों के लिए तकनीकी जानकारी बहुत जरूरी है। साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में इस तरह का प्रशिक्षण आरक्षकों को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करेगा। एसीपी स्मृतिक राजनाला ने भी डिजिटल जानकारी और साइबर सुरक्षा को पुलिसिंग का जरूरी हिस्सा बताया। यह प्रशिक्षण 23 जनवरी से 2 फरवरी 2026 तक चला। इसमें कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी, एमएस ऑफिस, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, डेटा एंट्री, डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध की शुरुआती जानकारी दी गई। प्रशिक्षण संस्था के मुख्य प्रशिक्षक राघवेन्द्र सिन्हा ने दिया। प्राचार्य नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि आगे भी CRPF, CISF, BSF और पुलिस के जवानों को इसी तरह का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता रहेगा।

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