सर्तक ऐप के माध्यम से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिले में राइस मिलों, धान उपार्जन केंद्रों और समितियों की सघन जांच की जा रही है। जिला प्रशासन का दावा है कि ऐप के जरिए मिली हर शिकायत का तीन दिन के भीतर निवारण किया जा रहा है, जिससे धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी और उठाव की निगरानी के लिए राज्य शासन ने सर्तक ऐप के माध्यम से नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत धान खरीदी और परिवहन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। जीपीएस से वाहनों की ट्रैकिंग हो रही है, वहीं संवेदनशील उपार्जन केंद्रों में लगे कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है। तिल्दा में मौजूद राइस मिल की मिली शिकायत अधिकारियों को तिल्दा क्षेत्र की तीन राइस मिलों और संबंधित समितियों में जांच की गई। जांच दल ने विद्याश्री राइस मिल, राजेश ट्रेडिंग और एस.एन. राइस मिल का निरीक्षण किया। इन मिलों में पहले भी अनियमितताओं पर कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें धान की जब्ती और जुर्माना शामिल है। ब्लैकलिस्ट भी होंगे राइस मिलर अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि सर्तक ऐप से मिली शिकायतों पर राजस्व, मंडी और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम जांच कर रही है। अनियमितता पाए जाने पर राइस मिलों को ब्लैकलिस्ट करने और जरूरत पड़ने पर सील करने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि धान खरीदी में गड़बड़ी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


