बीजेपी के जिलाध्यक्षों को लेकर पिछले 10 दिनों से मंथन और बैठकों का दौर चल रहा है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक बैठकें हुई, फिर दिल्ली से लौटकर फिर भोपाल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और सीएम डॉ. मोहन यादव के बीच मंथन हो रहा है। अब तक जिलाध्यक्ष घोषित न होने से बीजेपी के कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ने लगा है। पांढुर्णा जिले से तीन दर्जन बीजेपी कार्यकर्ता भोपाल बीजेपी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे हैं। पांढुर्णा जिले की सौंसर से बीजेपी के विधायक रहे रामराव महाले ने कहा- ऐसा पहले कभी हुआ नहीं और जो हुआ वो गलत हुआ है। पार्टी का अध्यक्ष चुनने के लिए एक समिति बनाई थी। उसमें वोटिंग हुई है। वोटिंग होने के बाद पार्टी का अध्यक्ष वहीं डिक्लेयर करना चाहिए था। जहां वोटिंग हुई है, जहां पर सहमति हुई है। वहीं करना चाहिए था। वहां न करते हुए यहां बुलाया और यहां अभी तक प्रक्रिया नहीं हो रही है। हमको संशय है कि जनता और कार्यकर्ता का पार्टी में कोई महत्व नहीं हैं। जिनके पास धनबल है वही अध्यक्ष बनेगा, ऐसी हमको शंका हो रही है।” रामराव महाले पांढुर्णा के बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे थे। वे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री से मुलाकात कर जिलाध्यक्ष के चुनाव को लेकर बात करना चाहते थे लेकिन, उनकी भेंट नहीं हो पाई। बीजेपी कार्यालय में उन्होंने दैनिक भास्कर से चर्चा में संगठन चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। रामराव महाले ने कहा-पार्टी में पहले ऐसा नहीं था पहले वहीं जिले में ही अध्यक्ष घोषित कर देते थे। भोपाल और दिल्ली जाने की जरूरत नहीं रहती थी। मैं पटवा जी के साथ विधायक था। उस दौर में जिले में ही चुनाव हो जाता था। रायशुमारी के बाद लिफाफे जिले में ही खुलने चाहिए थे
महाले ने कहा हमें गड़बड़ी की आशंका इसलिए है क्योंकि इन्होंने रायशुमारी कराई। लोगों ने जिले में अपनी राय बताई तो लिफाफे वहीं खुल जाने चाहिए थे। वहीं डिक्लेयर करना चाहिए था। ये साफ-सुथरी छवि वाले थे तो इनको भोपाल और दिल्ली से राय क्यों लेना चाहिए। जिले का अध्यक्ष चुनना है जिले की जनता राय दे रही है तो उनकी राय के अनुसार अध्यक्ष होना चाहिए। इस देरी की वजह से बहुत असंतोष है। जो भी जिलाध्यक्ष नियुक्त होगा। वहां बड़ा माहौल खराब होगा। पार्टी का कार्यकर्ता बहुत नाराज है। जो जिले में रायशुमारी करने आए थे उन्हें वहीं लिफाफे खोलकर जिलाध्यक्ष घोषित करना चाहिए था। पांढुर्णा में माफिया के जिलाध्यक्ष बनने की आशंका
पूर्व विधायक रामराव महाले ने कहा- हम भोपाल इसलिए आए थे कि पांढुर्णा जिले का अध्यक्ष उसे बनना चाहिए, जिसको जनता चाहती है। जो कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में आता-जाता हो। हमको शंका है कि कोई माफिया अध्यक्ष बन सकता है, जो रेत माफिया है चोरी करता है दारू के ठेके चलाता है। ऐसा व्यक्ति नहीं बनना चाहिए। वो बनने की हमको शंका है इसलिए उसके विरोध में हम लोग आए थे। उसका नाम संदीप मोहोड़ है।


