रायसेन जिले में किसानों को खाद के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। पर्याप्त खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। किसानों की खाद के लिए बढ़ती भीड़ और मांग के कारण टोकन प्रणाली लागू की गई है, लेकिन टोकन भी नहीं मिल पा रहे हैं। किसानों को धान की फसल और आगामी रबी की सीजन के लिए यूरिया और डीएपी खाद की आवश्यकता है। लेकिन सरकारी और प्राइवेट संस्थानों के पास डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। सुबह 6 बजे पहुंचे टोकन नहीं मिला, कर्मचारी बोले- टोकन बांट चुके सोमवार सुबह कृषि उपज मंडी स्थित एमपी एग्रो सेंटर पर खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। किसान सुबह 6 बजे से ही केंद्र पर पहुंच गए थे। ग्राम वीरपुर से 20 किलोमीटर दूर आए किसान बृजेश ने बताया कि गुरुवार और शुक्रवार को उन्हें टोकन नहीं मिला था। उन्हें सोमवार को टोकन मिलने का आश्वासन दिया गया था। सोमवार सुबह 6 बजे पहुंचने पर भी उन्हें टोकन नहीं दिया गया और बताया गया कि कर्मचारी टोकन बांट चुके हैं। बृजेश को 18 बोरी यूरिया और 15 बोरी डीएपी खाद की आवश्यकता है। किसान दूर-दूर से खाद लेने पहुंच रहे हैं। अधिकारी बोले- डीएपी खाद नहीं दो दिन बाद लगेगी रैक इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी कल्याण सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में यूरिया और एनपी खाद पर्याप्त मात्रा में डबल लॉक में उपलब्ध है। डीएपी खाद की एक रैक जल्द ही लगने वाली है। उन्होंने बताया कि एमपी एग्रो के केंद्र बढ़ाने के लिए रायसेन जिले के बाड़ी, बेगमगंज और उदयपुरा में मांग की गई है। इन क्षेत्रों में केंद्र खुलने से किसानों को खाद आसानी से मिल पाएगा और उनकी परेशानी कम होगी।


